गदर एक प्रेमकथा
सनी देओल बताते हैं, “हां, ये फिल्म लेकर मेरे पास नितिन केनी, अनिल शर्मा जी, कमल मुकुट और शक्तिमान आए थे। कहानी मुझे अच्छी लगी और मैंने तुरंत ही इसके लिए हां भी कर दी। लेकिन उन दिनों मेरे पास फिल्में इतनी थीं कि इस फिल्म के लिए समय निकालना बहुत मुश्किल हो रहा था, लेकिन फिर किसी तरह ये फिल्म बनी और बहुत अच्छी फिल्म बनी।” कम लोगों को ही पता होगा कि फिल्म के राइटर शक्तिमान और निर्देशक अनिल शर्मा ने फिल्म गदर एक प्रेमकथा के अंत में बूटा सिंह की ओरीजनल कहानी को 180 डिग्री घुमा दिया था यानी कि फिल्म की स्क्रिप्ट के हिसाब से फिल्म की हीरोइन सकीना को मर जाना था। लेकिन, फिल्म की शूटिंग के वक्त सनी देओल ने इस फिल्म का क्लाइमेक्स बदल दिया। सनी देओल बताते हैं, “फिल्म की ओरीजनल कहानी ये थी कि गोली लगने से सकीना की मौत हो जाएगी। लेकिन इस बारे में जब हमने आपस में चर्चा की तो लगा कि इससे पब्लिक नाराज हो सकती है और प्रेमकथा के इस अंत को लेकर ही गदर मच जाएगा तो हमने फिल्म को सुखांत रखने का फैसला किया।”