अनिल शर्मा
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फिल्म ‘गदर एक प्रेमकथा’ की रिलीज के 20 साल पूरे होने पर ‘अमर उजाला’ से बातें करते हुए अनिल ने कहा था कि ये फिल्म भले बंटवारे के वक्त की हो लेकिन इसमें हमने पाकिस्तान के वकार का भी पूरा ख्याल रखा। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ हमारी परंपरा रही है और पड़ोसी को नीचा दिखाना हमारे संस्कार नहीं हैं। हम पाकिस्तान को फिल्म में कहीं नीचा नहीं दिखाना चाहते थे। और, पाकिस्तान के इस वकार को परदे पर पेश करने की हमारी कल्पना को अमरीश पुरी ने साकार कर दिया।’ लेकिन, अब जो फिल्म अनिल शर्मा बनाना चाहते हैं, उसकी कहानी के हालात बदल सकते हैं। इस बार की कहानी के मुताबिक तारा को पाकिस्तान जाना है। लेकिन सकीना को लाने के लिए नहीं बल्कि अपने बेटे को वापस लाने।