भारतीय सिनेमा का इतिहास कई मायनों में खास रहा है। समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए फिल्मों का अहम योगदान रहा है। लेकिन हिंदी सिनेमा में एक समय था, जब फिल्मों में महिलाओं का काम करना या फिर पर्दे पर दिखना अच्छा नहीं माना जाता था। पहले के समय में पुरुष ही फिल्मों में महिलाओं के किरदार निभाते थे। आज एक्ट्रेस के बिना फिल्म की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। आज के सिनेमा में महिलाओं की भागीदारी काफी बढ़ गई है, लेकिन एक समय था, जब फिल्मों में महिलाओं का काम करना चुनौतीपूर्ण था। आज हम पहली महिला एक्ट्रेस और डायरेक्टर की बात करेंगे, जिन्होंने सिनेमा के बंद दरवाजों को भारतीय महिलाओं के लिए खोल दिया।