याराना
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
उस्ताद की सलाह ने दिखाई राह
राकेश कुमार का फिल्मी करियर के बी लाल और चांद श्रीवास्तव जैसे निर्देशकों के सहायक के रूप में शुरू हुआ। चांद श्रीवास्तव अपने जमाने के बी और सी ग्रेड फिल्मों के बड़े निर्देशक हुआ करते थे। इसी दौरान बोहरा ब्रदर्स ने राकेश कुमार को एक फिल्म ऑफर कर दी, जिसका निर्देशन करने को उनसे कहा गया। राकेश ने यहां जो समझदारी दिखाई, वही उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट बनने में आगे चलकर मददगार हुई। बोहरा ब्रदर्स का ऑफर कोई दूसरा असिस्टेंट होता तो लपककर स्वीकार कर लेता। लेकिन, राकेश ने अपने उस्ताद के साथ ये बात साझा की तो चांद श्रीवास्तव ने भी अपने शागिर्द को सौ टके की सलाह मुफ्त में दे डाली। उन्होंने राकेश को समझाया कि अगर अभी वह निर्देशक बन गए तो जीवन भर इन स्टंट फिल्मों के ही निर्देशक बने रह जाएंगे। राकेश को सलाह भा गई। उन्होंने चांद श्रीवास्तव की ये सलाह भी मान ली कि फिल्म निर्देशन में उतरने के लिए उन्हें थोड़ा इंतजार और करना चाहिए।
Neetu Kapoor: दादी नीतू कपूर ने दी आलिया-रणबीर की बेटी से जुड़ी हेल्थ अपडेट, जानें कैसी है बेबी गर्ल