'हम खून बहाएं तुम आंसू बहाओ...आशिकी न हो गई लाठीचार्ज हो गया', 'ये जो लड़की मुर्दा सी आंखे लिए बैठी है बगल में आज भी हां बोल दे तो महादेव की कसम वापस आ जाएं'....अब तक तो आप समझ की गए होंगे कि हम किसकी बात कर रहे हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं 'रांझणा' वाले कुंदन यानि धनुष की। धनुष ने साउथ फिल्मों में जितनी शोहरत कमाई है, उतना ही इनका नाम बॉलीवुड में भी है। महज कुछ हिंदी फिल्मों और लगातार सुपरहिट्स देने की वजह से आज वह पैन इंडिया स्टार हो गए हैं। लेकिन रांझणा के कुंदन ने भले ही इस फिल्म से दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी हो लेकिन हिंदी में तो वह इससे पहले ही मशहूर हो गए थे। धनुष का महज एक गाना साउथ से लेकर हिंदी तक लोगों की जुबान पर छाया गया था और वो गाना था 'व्हाई दिस कोलावरी डी'। तो चलिए 28 जुलाई 1983 को जन्मे धनुष के जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ अनसुने किस्से।