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देवानंद की मौत पर सो रहा था पूरा इंडिया, खबर आते ही टूट पड़ा दुखों का सैलाब

Mon, 03 Dec 2018 09:12 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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dev anand - फोटो : twitter
देवानंद पिशोरीमल आनंद नाम तो सुना ही होगा। बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के एवरग्रीन सितारे देवानंद की। 3 दिसंबर 2011 को फिल्म जगत के इस नगीने ने दुनिया को अलविदा कह दिया था। जैसे ही लंदन से देव की मौत की खबर आई पूरे भारत में सन्नाटा परस गया था। देव लंदन में इलाज करवाने के लिए गए थे। उनकी मौत कार्डियक अटैक से हुई थी। देव ने लंदन के दा वॉशिंगटन मेयफेर होटल में आखिरी सांस ली थी। आइए जानते हैं आखिर क्यों देव पर काले कपड़े पहनने की पांबदी थी....
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dev anand - फोटो : File Photo
देव ने 88 साल की उम्र में आखिरी बार दम भरा था। ऐसे में 3 दिसंबर को पुण्यतिथि है। लेकिन देव आज भी अपने फैन्स के दिलों में जिंदा हैं। देव का जन्म 26 सितंबर 1923 को उस वक्त ब्रिटिश भारत के अधीन आने वाले पंजाब के शंकरगढ़ में हुआ था। यह जगह बंटवारे के बाद अब पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के क्षेत्र में जा चुकी है। 

 

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dev anand and suraiya - फोटो : File Photo
देव साहब , जी हां इसी नाम से उनके फैन्स उन्हें जाना करते थे। उनका स्टाइल और उनकी फिल्में उनके फैन्स के दिलों में ऐसी छाप छोड़ गए हैं कि वे कभी तन्हाई में तो कभी गम में उनकी ही फिल्मों के दर्दभरे नगमें अकेले में सुनकर अपने दर्द को दिलासा देते हैं। 

 

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Dev anand - फोटो : File Photo
बॉलीवुड में लिजेंड और कोहिनूर देवसाहब को ही माना जाता है। एक्टर, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर इन सब कामों में उन्हें महारत हासिल थीं और उनकी सबसे खास बात यह थी कि उन्होंने हिंदी सिनेमा मॉर्डन बनाने में सबसे पहले कदम उठाया। हिंदी सिनेमा में नई-नई एक्ट्रेस लांच करने का चलन देव साहब से ही शुरू हुआ था। बचपन से एक्टिंग का शौक रखने वाले देव साहब मिलट्री सेंसर ऑफिस में नौकरी तक मिली थी लेकिन उन्होंने एक्टिंग के लिए अपनी इस बेशकीमती नौकरी को छोड़ डाला।

 

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dev anand - फोटो : File Photo
अब बात उस पहलू की जिसके लिए देवसाहब को लोग आज भी याद करते हैं। हैंडसमनेस उनकी सबसे पहली पहचान थी। उनके लुक की लड़कियां इतनी दिवानी थी कि उन्हें इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा। काला कोट और उसपर सफेद रंग की शर्ट यही वो कॉस्ट्यूम था जो आज भी बॉलीवुड में किसी फंक्शन में आसानी से दिख जाता है। देवसाहब का यह लुक इतना पॉपुलर था कि लड़कियां उन्हें देख अपना आपा खो दिया करती थीं। खबर तो यह भी है कि कई लड़कियों ने आत्महत्या तक कर ली जिसके चलते देव साहब को कोर्ट के आदेश के बाद अपना काला कोट-पैंट त्यागना पड़ा। 
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dev anand - फोटो : Instagram
देवसाहब ने साल 1946 में फिल्म हम एक हैं से अपने अभिनय की नींव रखी थी। उनकी पहली फिल्म ने साबित कर दिया था कि देव रुकने वाले नहीं हैं। बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म ही हिट रही और इसके बाद उन्होंने मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, हरे रामा हरे कृष्णा, हमसफर, जिद्दी जैसी फिल्मों में काम किया। वह शुरू से ही बॉलीवुड में एक फैशन आइकन बनकर रहे थे। जिसके कारण वह अक्सर लोगों के बीच चर्चा में रहते थे। 
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