दादा कोंडके
दादा कोंडके की सात मराठी फिल्मों ने गोल्डन जुबली मनाई, इसी वजह से उनका नाम 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में दर्ज हो गया। उसके बाद उनकी दो और मराठी फिल्मों ने गोल्डन जुबली मनाई थी। उनकी मराठी फिल्मों के नाम 'आली अंगावर' यानी शरीर से चिपकने वाली, 'तुमचं अमचं जमहं', यानी तुम्हारी-हमारी जम गई, 'बोट लाबिन तिथं गुदगुल्या' यानी जहां छुओ वहीं गुदगुदी, 'ह्रोच नवरा पाहयजे' यानी मुझे यही पति चाहिए आज भी लोकप्रिय हैं। दादा की अन्य चर्चित फिल्मों में 'सोंगाड्या', 'आली अंगावर' प्रमुख हैं।