वीर दास
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वीर दास की पढ़ी गई कविता के कुछ अंश
मैं उस भारत से आता हूं.. जहां दिन में औरतों की पूजा और रात में गैंगरेप होता है।
मैं उस भारत से आता हूं.. जहां की एक आबादी की उम्र 30 साल से छोटी है लेकिन फिर भी 75 साल के लीडर्स के 150 साल पुराने आइडियाज़ को सुनती है।
मैं उस भारत से आता हूं.. जहां वेजेटेरियन होने में हम गर्व महसूस करते हैं लेकिन हम उन किसानों को कुचल देते हैं, जो सब्ज़ियां उगाते हैं।
मैं उस भारत से आता हूं.. जहां बच्चे मास्क लगाते हैं और लीडर्स बिना मास्क लगाए गले मिलते हैं।