भारतीय सिनेमा में ऐसा शायद ही पहले कभी बॉक्स ऑफिस पर देखने को मिला हो। हिंदी सिनेमा के नंबर वन हीरो की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पानी मांग रही है और क्षेत्रीय भाषाओं के सितारों की फिल्में हर दिन ढोल बजा रही हैं। अभी तक हिंदी सिनेमा के सामने तमिल, तेलुगू और कन्नड़ फिल्मों की ही मुसीबत थी, अब लगता है कि हिंदी सिनेमा को आने वाले दिनों में पंजाबी, मराठी और मलयालम फिल्मों से भी दिक्कत होने वाली है। इसकी वजह है कोरोना संक्रमण काल में हिंदीभाषी दर्शकों को अंग्रेजी सबटाइटल्स के साथ दूसरी भाषाओं की फिल्में देखने की पड़ी आदत और ये आदत हिंदी सिनेमा की कथ्य के हिसाब से बोझिल लगने वाली फिल्मों का सूपड़ा साफ करने वाली है।