1942 ए लव स्टोरी
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
फिल्म के संगीत ने उस साल धूम मचा दी थी। फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ ने कुल नौ फिल्मफेयर पुरस्कार जीते थे, उनमें से चार पुरस्कार फिल्म के संगीत को लेकर मिले। आर डी बर्मन को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर, जावेद अख्तर को उनके गाने ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ के लिए सर्वश्रेष्ठ गीतकार, कविता कृष्णमूर्ति को गाने ‘प्यार हुआ चुपके से’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायिका और कुमार सानू को ‘एक लड़की को देखा..’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का पुरस्कार मिला। ये उनका लगातार पांचवां और आखिरी फिल्मफेयर पुरस्कार था। इससे पहले उन्हें फिल्म ‘आशिकी’ के गाने ‘अब तेरे बिन’, फिल्म ‘साजन’ के गाने ‘मेरा दिल भी कितना पागल है’, फिल्म ‘दीवाना’ के गाने ‘सोचेंगे तुम्हें प्यार करें कि नहीं’ और फिल्म ‘बाज़ीगर’ के गाने ‘ये काली काली आंखें’ के लिए लगातार चार पुरस्कार मिल चुके थे। फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ के गानों में एक अलग तरह की ताजगी बरकरार रखने को लेकर विधु विनोद चोपड़ा इतना सजग रहते थे कि किस्सों के मुताबिक एक बार उन्होंने कुमार सानू को बिना शेव किए स्टूडियो आने पर रिकॉर्डिंग से वापस कर दिया था। फिल्म में लता मंगेशकर ने तो एक गाना गाया है, लेकिन आरडी का संगीत होने के बावजूद आशा भोसले की आवाज में फिल्म में एक भी गाना नहीं है।