kalpana lajmi
- फोटो : file photo
लाजमी ने किताब में लिखा, ‘‘मेरी उनके साथ नजरे मिलीं, और पहली नजर में प्यार हो गया ... इसका प्रतिबिंब मैंने 40 साल बाद भी उसकी आंखों में देखा जब उनके जीवन की रोशनी बुझने वाली थी। हमारी जिंदगी में जवानी से बुजुर्ग होने तक पारस्परिक प्रेम और जुनून की निरंतर यात्रा रही। हमारी जिंदगी में कई अध्याय आये।...कुछ को हमने संजोए रखा और कुछ ऐसे भी मिले जिनको हम भूलना चाहते हैं।