फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिल्मों से हुईं दूर तो मां के साथ खेती करने लगीं भूमि पेडनेकर, कहा- अधूरी इच्छा हुई पूरी

Thu, 09 Apr 2020 05:08 PM IST
anand anand अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
1 of 5
Bhumi Pednekar, Sumitra Pednekar - फोटो : amar ujala mumbai
दिन का ज्यादातर समय फिल्मों की शूटिंग में बिताने वाले कलाकार इन दिनों घर के काम कर रहे हैं। समय बिताने के लिए कोई किताब पढ़ रहा है, कोई कुकिंग कर रहा है तो वहीं कोई नई चीजें सीखने की कोशिश कर रहा है। अभिनेत्री भूमि पेडनेकर भी इन्हीं कलाकारों में एक हैं। इन दिनों वह अपनी मां सुमित्रा पेडनेकर से हाइड्रापोनिक्स (जल संवर्धन) खेती का विज्ञान सीख रही हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
bhumi pednekar - फोटो : social media
मां बेटी दोनों ही हमेशा से एक गार्डन बनाना चाहती थीं अब लगता है कि दोनों का यह सपना साकार हो रहा है। भूमि पेडनेकर अपने इस मौक को भुनाने में पूरी जी जान लगा रही हैं। खुद भूमि ने भी इसकी पुष्टि करते हुए अपने अनुभव साझा किए। भूमि ने अपने इस नए अनुभव के बारे में बताया, 'मैं और मेरी मां हमेशा से अपना हाइड्रोपोनिक्स गार्डन चाहते थें जहां हम अपनी सब्जियां उगाना चाहते थें और स्थायी जीवन शैली का लुत्फ उठाना चाहते थें। हम एक बगीचा चाहते थें ताकि अपनी दिनचर्या को घर तक ला सकें। अब हम अपने इस विकास से काफी खुश हैं।'  
विज्ञापन

3 of 5
Bhumi Pednekar - फोटो : Amar ujala, Mumbai
उन्होंने कहा, 'क्वारंटाइन के चलते मैं हाइड्रोपोनिक्स साइंस सीखने की तरफ बढ़ी और मैंने समझा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने का क्या मतलब है। इस दौरान मैं अपनी मां के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही हूं। मुझे गर्व है कि हमारा गार्डन अब हफ्ते के दो दिनों का खाना दे सकता है।' 

4 of 5
Bhumi Pednekar - फोटो : amar ujala, mumbai
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने लॉकडाउन के दौरान प्रकृति के करीब रहने की कोशिश की है और इससे मुझे एहसास हुआ है कि हम एक समुदाय के रूप में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बन सकते हैं और इसके संरक्षण के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ कर सकते हैं।' इसके साथ ही भूमि 'क्लाइमेट वॉरियर' मुहिम का भी हिस्सा हैं। इसके तहत भूमि लोगों में यह जागरुकता पैदा कर रही हैं कि कैसे वे पर्यावरण को सुरक्षित करने के लिए अपनी भागेदारी दे सकते हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
bhumi pednekar - फोटो : amar ujala
गौरतलब है कि बिना मिट्टी की बागवानी के विज्ञान को हाइड्रोपोनिक्स कहा जाता है। इसके जरिए मृदा प्रदूषण कम होता है साथ ही रसायनों के इस्तेमाल में भी कमी आती है। इस खेती में न्यूट्रिएंट्स (पोषक), थोड़ा पानी और सूरज की रोशनी की जरुरत होती है। वहीं आने वाले दिनों में वह 'डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे' और 'दुर्गावती' जैसी फिल्मों में  नजर आएंगी। 

पढ़ें: रामानंद सागर की रामायण के 'सुग्रीव' श्याम सुंदर का निधन, 'राम' अरुण गोविल ने सोशल मीडिया पर दी श्रद्धांजलि
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें