भरत व्यास
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कहा जाता है भरत व्यास की कलम में वो जादू था कि वो हर वक्त, हालात और किसी पर गीत लिख सकते थे। जब उनके बेटे उनसे नाराज हुए तो उन्होंने दो गाने लिखे। जो आज भी हिंदी सिनेमा में गुनगुनाए जाते हैं। ये गाने थे...'आ लौट के आजा मेरे मीत, तुझे मेरे गीत बुलाते हैं, मेरा सूना पड़ा रे संगीत, तूझे मेरे गीत बुलाते हैं।' दूसरा था...'जरा सामने तो आओ छलिये छुप-छुप छलने में क्या राज है।' यूं तो भरत व्यास ने तमाम हिंदी फिल्मों के लिए गाने लिखे। लेकिन उनकी एक प्रार्थना अमर हो गई और इसे पढ़ते वक्त फिल्म के निर्देशक ने भी कहा था कि ये अमर होगी। ये प्रार्थना वही थी 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम...नेकी पर चले और बदी से टले ताकि हंसते हुए निकले दम...' वी. शांताराम फिल्म दो आंखे बारह हाथ बना रहे थे। उन्होंने भरत व्यास से एक प्रार्थना लिखने के लिए बोला तो एक प्रार्थना लिखी गई।