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Bollywood Vs South: महेश बाबू से पहले साउथ के इन स्टार्स ने बॉलीवुड पर दिए बयान, एक ने कहा था, ‘पराया महसूस होता है’

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south stars - फोटो : सोशल मीडिया
इन दिनों सिनेमा जगत में बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्मों को लेकर बहस देखने को मिल रही है। बीते कुछ दिनों में दक्षिण भारत की फिल्में 'पुष्पा द राइज', 'केजीएफ चैप्टर 2' और 'आरआरआर' सिनेमाघरों में रिलीज हुईं। इन फिल्मों को देखने के बाद ही लोगों का कहना है कि बॉलीवुड अब साउथ सिनेमा के आगे फीका पड़ रहा है। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर यूजर्स के इस तरह के बयानों की वजह से साउथ और बॉलीवुड के बीच विवाद भी शुरू हुआ। कई बॉलीवुड सेलेब्स इस पर प्रतिक्रिया दे चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि साउथ सिनेमा के सितारे भी समय-समय पर बॉलीवुड के बारे में बोलते हुए दिखे हैं। आइए आपको उनके बयान बताते हैं।
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महेश बाबू - फोटो : Instagram
महेश बाबू
बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बीच चल रही बहस में महेश बाबू के बयान ने आग में घी डालने का काम किया था। अभिनेता से कई बार बॉलीवुड में डेब्यू पर सवाल किया जा चुका है और ऐसा ही फिल्म ‘मेजर’ के ट्रेलर इवेंट में भी हुआ। लेकिन इस मौके पर महेश बाबू ने हिंदी सिनेमा में आने के लिए साफ इनकार कर दिया और कहा कि बॉलीवुड वाले उन्हें अफोर्ड नही कर सकते। अभिनेता ने कहा, ‘मैं ऐसी इंडस्ट्री में काम करने में अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहता जो मुझे अफोर्ड नहीं कर सकते। मुझे यहां जो सम्मान मिलता है वह बहुत है। 
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प्रियमणि राज - फोटो : सोशल मीडिया
प्रियामणि
प्रियामणि फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस के गाने ‘लेट्स ऑन द डांस फ्लोर’ और वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन’ में नजर आ चुकी हैं। अभिनेत्री ने एक बार बॉलीवुड फिल्मों में दक्षिण भारतीय की छवि को लेकर कहा था, ‘लोगों के बीच अब साउथ स्टार्स मशहूर हो रहे हैं। वहां के टैलेंट को पसंद किया जा रहा है। एक समय था, जब श्रीदेवी, रेखा, हेमा मालिनी और वैजयंतीमाला बॉलीवुड पर राज करती थीं। लेकिन उनके बाद साउथ का कोई एक्टर उनके जैसा दिखाई नहीं दिया। हमने सिर्फ बॉलीवुड में हिंदी बोलने वाले लोगों को देखा है। ये लोग साउथ इंडियन स्टार्स को इस तरह दिखाते थे कि उन्हें ठीक से हिंदी बोलनी बिल्कुल भी नहीं आती है। हमारी भाषा का मजाक उड़ाते हुए कहते थे अइयो, कैसा जी, क्या बोलता जी।’

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श्रुति हासन - फोटो : सोशल मीडिया
श्रुति हासन
श्रुति हासन कई हिंदी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं लेकिन उन्होंने अपने एक बयान में बताया था कि बॉलीवुड में उन्हें एक आउटसाइडर की तरह लगता है। अभिनेत्री ने कहा था, ‘मुझे बॉलीवुड में हमेशा ही एक आउटसाइडर जैसा महसूस हुआ। यहां हमेशा ही नॉर्थ और साउथ वाली चीजें होती हैं। मान लीजिए कि मैं एक साथ तीन तेलुगू और तमिल फिल्में कर रही हूं तो वहां के लोग कहते हैं कि तुम हिंदी पर ध्यान नहीं दे रही हो। जैसे देश में सिर्फ वही एक इंडस्ट्री है।
 
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केजीएफ चैप्टर 2 - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
यश
‘केजीएफ’ की सफलता के बाद यश पैन इंडिया स्टार बन गए हैं। एक बार सलमान खान ने सवाल किया था कि साउथ की फिल्में बॉलीवुड में कैसे अच्छा परफॉर्म कर रही हैं? इस पर यश ने प्रतिक्रिया दी थी और बताया था कि उनकी फिल्मों को पहले यहां अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिलता था लेकिन बॉलीवुड में साउथ की रीमेक बनने लगी, जिससे लोगों को वहां के सिनेमा के बारे में पता चला। अब लोग साउथ सिनेमा के बारे में जानने लगे हैं। यह सब रातों-रात नहीं हुआ है। इसमें कई साल लगे हैं।
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अल्लू अर्जुन - फोटो : सोशल मीडिया
अल्लू अर्जुन
'पुष्पा: द राइज' के बाद अल्लू अर्जुन भी पैन इंडिया स्टार बन गए हैं और उन्हें बॉलीवुड फिल्मों के ऑफर भी मिल चुके हैं। इस बारे में बात करते हुए अभिनेता ने कहा था, ‘किसी और इंडस्ट्री में काम करने के लिए हिम्मत और रिस्क चाहिए। जब हम अपनी फिल्मों में हीरो का रोल करते हैं तो कोई भी हमारे पास उसी रोल के लिए आता है। मुझे किसी और रोल में दिलचस्पी ही नहीं होगी। दूसरा आदमी भी आपके पास फिल्म के लिए नहीं आएगा क्योंकि एक बड़े स्टार को फिल्म में सेकेंड लीड लेने का कोई मतलब नहीं बनता। आपको एक मेन लीड के तौर पर ही काम करना होगा।’
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गेयटी थिएटर पहुंचे राम चरण - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
राम चरण
राम चरण बॉलीवुड में फिल्म ‘जंजीर’ के रीमेक में नजर आए थे और अभिनेता ने एक बार साउथ और बॉलीवुड पर बयान देते हुए कहा था कि वह चाहते हैं आज के समय में अलग-अलग इंडस्ट्री के कलाकार मिलकर काम करे। राम चरण ने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि बॉलीवुड के डायरेक्टर ऐसी फिल्म बनाए जिसमें साउथ को भी ध्यान में रखा जाए। सलमान ने कहा था कि साउथ में बॉलीवुड की फिल्में क्यों नहीं चलतीं। मेरा मानना है कि इसकी वजह राइटिंग है। डायरेक्टर ही सारी सीमाओं का पार कर सकता है। हर राइटर को विजयेंद्र प्रसाद और राजामौली की तरह फिल्में लिखनी चाहिए। मैं एक ऐसी इंडियन फिल्म बनाना चाहता हूं, जहां मैं बॉलीवुड के साथ काम कर सकूं। मैं चाहता हूं कि डायरेक्टर्स साउथ के टैलेंट को भी एक्सप्लोर करें और बड़ी फिल्में बनाएं।’
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