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Arvind Trivedi Died: 'शक्ति का मद तो देवता भी सहन नहीं कर सकते...', शांत हो गई 'रावण' की गर्जना, अमर रहेंगे ये संवाद

Wed, 06 Oct 2021 02:08 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Arvind Trivedi - फोटो : twitter
रामानंद सागर की रामायण में रावण का किरदार निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। वे 82 साल के थे। आज मुंबई में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अरविंद गुजराती के जाने माने थियेटर आर्टिस्ट रहे, इसके अलावा उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम भी किया। लेकिन उन्हें रामायण में निभाए गए रावण के किरदार के लिए हमेशा याद किया जाएगा। एक्टर की मौत की पुष्टि उनके भतीजे कौस्तुभ त्रिवेदी ने की है। अरविंद के निधन पर उनके साथ काम कर चुके स्टार्स ने शोक जताया है।

अरविंद त्रिवेदी द्वारा रामायण में बोले गए संवाद अमर हो गए। उन्होंने अपने अभिनय की ऐसी छाप छोड़ी कि आज भी लोग रावण के किरदार में उन्हें ही देखते हैं। रामानंद सागर की रामायण के बाद कितने ही रामायण बने लेकिन ऐसी लोकप्रियता किसी को हासिल नहीं हुई। हम आपको अरविंद त्रिवेदी द्वारा बोले गए संवादों से रूबरू करवाते हैं।
 
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arvind trivedi
  • जब भी कोई अपूर्व शक्ति प्राप्त कर लेता है, तो तुम्हारी माया ही उसे शक्ति के मद में पागल बना देती है शक्ति का मद तो तुम्हारे देवता भी सहन नहीं कर सकते उन्हें भी अहंकार आ जाता है।
  • वीर पुरुष जिस मार्ग पर एक बार आगे पग बढ़ा देते हैं फिर उसे पीछे हटाने की बात भी नहीं सोचते चाहे सामने मृत्यु ही क्यों न खड़ी हो।
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arvind trivedi
  • रावण दंड भी उसी गर्व के साथ भोगेगा, जिस गर्व से उसने उस शक्तियों का भोग किया है।
  • तीनों लोक और तीनों कालों में रावण और राम का नाम एक साथ ही लिया जाएगा।

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arvind trivedi ravan - फोटो : Social Media
  • शांति के लिए हम दोनों में से किसी एक का अंत होना आवश्यक है...तुम राम को भगवान मानती हो, हो सकता है वह साधारण नर नहीं है, इंद्रजीत भी उसे नारायण कह गया, यदि वह नारायण है तो भी जीत रावण की है, जिसे मारने के लिए स्वयं भगवान को घरती पर भटकना पड़ता है।
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Arvind Trivedi - फोटो : twitter
  • परमवीर रावण अमर रहेगा..वैकुंठ में जो हमारे गौरव को कम नहीं कर सका वह पृथ्वी पर हमारे गौरव को कैसे मिटा सकेगा। रावण का अमर पद अक्षय था अक्षय है और अक्षय रहेगा।

  • आप उस रावण को क्षमा मांगने को कह रही हैं जिसमें घरती तो क्या तीनों लोको को हिला देने की क्षमता है। उस रावण को जो दरबार में नवग्रहों को अपने सामने खड़ा रखता है।

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'रावण' - फोटो : ट्विटर
  • मुझे अपनी शक्तियों पर अहंकार करने का पूर्ण अधिकार है...यह शक्तियां मुझे कोई दान में प्रदान नहीं हुई हैं। मेरी कठोर तपस्या के उपलक्ष्य में, कर्म के विधान के अनुसार तुम मुझे वो शक्तियां प्रदान करने के लिए विवश थे। मैंने अपने बाहुबल से यह शक्तियां प्राप्त की हैं।
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