Kuttey's Mehfil-e-khaas
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आसमान भारद्वाज गुलजार साहब को दाना जी कहते हैं। गुलजार साहब ने बताया, 'मैं आसमान का दादा भी लगता हूं और नाना भी, इसलिए वह मुझे दोनो शब्दों को मिलाकर दाना जी कहते हैं। बतादें कि गुलजार साहब विशाल भारद्वाज को अपना बेटा और रखा भारद्वाज को अपनी बेटी मानते हैं। इस रिश्ते से वह आसमान भारद्वाज के दादा और नाना दोनों लगते हैं। उसकी यह फिल्म मैंने देखी है। हालांकि बच्चे अपना काम दिखाते नहीं हैं, वह अपना काम छुपाकर रखते हैं, उसे लगता था कि कहीं ऐसा ना हो कि दाना जी किसी बात पर ऐतराज कर दें, ये ना कह दें कि वो चीज ठीक नहीं है। बच्चे अपनी तरफ से ना भी नहीं करते हैं, हमें भी मालूम है कि वक्त बहुत बदल गया है।