मशहूर लेखक-निर्देशक सागर सरहदी चार पांच नौजवान कलाकारों के साथ एक बार जयपुर रेलवे स्टेशन पर उतरे तो एक युवती तेजी से भागती हुई आई और इन लड़कों में से एक का ऑटोग्राफ लेकर चली गई। सागर सरहदी बोले, “मैंने ‘कभी कभी’, ‘सिलसिला’, ‘चांदनी’, ‘नूरी’ जैसी फिल्में लिखी, मुझे नहीं पूछा और इससे ऑटोग्राफ लिया जा रहा है!” ये बात उन दिनों की है जब उभरते कलाकार संजीव तिवारी ने डीडी मेट्रो पर प्रसारित होने वाला रियलिटी शो ‘सुपरस्टार’ जीता था। सिद्धार्थ जाधव इसके रनर अप थे और विनीत सिंह प्रतिभागियों में से एक। तब से संजीव तिवारी तमाम धारावाहिकों में नजर आते रहे लेकिन ‘सुपरस्टार’ जीतने के बाद जिस मौका का वादा उनसे टिप्स म्यूजिक कंपनी न किया था, वह कभी पूरा नहीं हुआ। संजीव अपनी पत्नी राखी के साथ मिलकर इन दिनों अंग्रेजी कार्यक्रमों का हिंदी अनुवाद करते हैं और उनकी डबिंग करते हैं। इस बार के अपना अड्डा स्टार हैं यही संजीव तिवारी। उनके संघर्ष की कहानी, उन्हीं की जुबानी...