Ek Ladki Ko Dekha Toh Aisa Laga
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इस फिल्म में काम करने के बाद एक दूसरे से क्या सीखने को मिला?
सोनम- मेरे हिसाब से ऐसी स्क्रिप्ट आज तक आई नहीं जिसमें मेरा और पापा का किरदार बिल्कुल सही हो। अगर मैं पापा की बात करूं तो सही में वह अब भी बड़े नहीं हुए हैं क्योंकि उनके अंदर की जिज्ञासा अभी तक कायम है। यही एक चीज मैंने पापा से सीखी।
अनिल- सोनम तो मुझे रोज सिखाती है। यह बहुत ही बहादुर है, सच्ची है और दिमागदार है। यह सब चीजें मैं इससे थोड़ी-थोड़ी ले रहा हूं। जब लोग मुझे कहते हैं कि मैं इतना फिट कैसे हूं तो मुझे लगता है कि मैं सुनता काफी अच्छा हूं।