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जानिए गब्बर का किरदार किस अभिनेता ने ठुकराया, किसे मिल न पाया, किसने नाम कमाया?

Tue, 12 Nov 2019 11:51 AM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Amjad Khan - फोटो : file photo
शोले फिल्म किसी लिए याद की जाती है तो वो है उसके दमदार किरदार गब्बर सिंह की वजह से। आज उनका जन्मदिन है।अपनी हनकदार आवाज और क्रूर चेहरे से दर्शकों के दिल में खौफ पैदा कर देने वाला गब्बर ही इस फिल्म का असली 'हीरो' माना जाता है। इसी भूमिका को निभाकर उस दौर के नवोदित कलाकार अमजद खान हर दर्शकों के दिल में अमर हो गए। एक क्रूर खलनायक होने के बावजूद भी यह उस किरदार की लोकप्रियता ही थी कि गब्बर के नाम पर ही शोले के बाद आज तक आधा दर्जन फिल्में बन चुकी हैं। जानिए गब्बर का किरदार किस अभिनेता ने ठुकराया, किसे-किसे मिल न पाया, किसने नाम कमाया?
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Amjad Khan - फोटो : file photo
क्या आप जानते हैं कि गब्बर की भूमिका अमजद खान को कैसे मिली। किस तरह एक नए नवेले कलाकार ने जिसके नाम को भी उस फिल्म से पहले तक शायद ही कोई जानता हो इस खतरनाक किरदार को लोकप्रियता के शिखर तक पहुंचा दिया। तो आइए आपको अमजद खान के जन्मदिन के मौके पर बताते हैं कुछ ऐसे ही किस्से जो गब्बर के बारे में आपने तक शायद ही पहले सुने हों। चंबल के बीहड़ में 50 के दशक में आतंक मचाने वाले जिस डाकू गब्बर सिंह को लेकर यह फिल्म बनी थी उसके किरदार को निभाने के लिए भी उस समय अलग ही होड़ थी।
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अमजद खान - फोटो : file photo
बताया जाता है कि जिस समय शोले की कास्टिंग हो रही थी और गब्बर सिंह के किरदार के लिए किसी दमदार खलनायक की तलाश की जा रही थी उस समय फिल्म के हीरो धर्मेन्द्र और अमिताभ ने भी गब्बर सिंह का किरदार निभाने की इच्छा जाहिर की थी। खासकर धर्मेन्द्र ने इसके लिए कई बार फिल्म की कहानी लिखने वाले सलीम जावेद से भी सिफारिश की, लेकिन निर्माता रमेश सिप्पी जय वीरु के लिए दोनों का नाम फाइनल कर चुके थे और उन्हें किसी भी सूरत में बदलना नहीं चाहते थे इसलिए उनकी नहीं दाल नहीं गली।

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अमजद खान - फोटो : file photo
हालांकि कहा ये भी जाता है कि ठाकुर का किरदार निभाने वाले स्वर्गीय संजीव कुमार भी गब्बर बनने की इच्छा रखते थे लेकिन रमेश सिप्पी ने उन्हें यह कहकर मनाया कि ठाकुर के रोल के लिए उन्हें उन जैसा कोई दूसरा अभिनेता नहीं मिल सकता। सिप्पी की इस दलील पर संजीव कुमार भी चुप्पी साध गए। जिस समय सलीम-जावेद इस फिल्म की पटकथा तैयार कर रहे थे उस समय उनके दिमाग में विलेन के तौर पर पहला चेहरा उस समय के स्थापित खलनायक डेनी डोंजेगपा का था। अपनी दमदार आवाज और भावपूर्ण चेहरे के साथ डेनी उस समय बॉलीवुड (उस समय की मायानगरी) में छाए हुए थे।
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amjad khan - फोटो : file photo
निर्माता रमेश सिप्पी भी डेनी को ही अपनी फिल्म में लेना चाहते थे। लेकिन कुछ कारणों से डेनी ने वह फिल्म करने से मना कर दिया जिसके बाद शुरू हुई नए चेहरे की तलाश। इसी बीच किसी ने लेखक जावेद को एक नए कलाकार अमजद खान के बारे में बताया। जावेद ने रमेश सिप्पी के सामने उनका नाम बढ़ाया, जिसके बाद शुरूआती ना नुकुर के बाद रमेश सिप्पी अमजद से मिलने के लिए तैयार हो गए। बताया जाता है जब पहली बार अमजद खान रमेश सिप्पी के सामने पहुंचे तो उनकी बारीक आवाज और पतले से बदन को देखकर सिप्पी ने एक झटके में ही उन्हें मना कर दिया। लेकिन इरादों के पक्के अमजद खान ने एक बार उन्हें मौका देने की गुजारिश की। जिसके बाद निर्माता रमेश सिप्पी ने उनके सामने शर्त रखी की यदि एक महीने में वो अपना वजन बढ़ाकर दिखाएं तो उन्हें मौका दिया जा सकता है। कहा जाता है कि इसके बाद अमजद खान ने अपना वजन तो बढ़ाया ही अपनी आवाज में भी वो खनक ले आए जिसकी निर्माता को तलाश थी। एक महीने बाद ही अमजद खान का ऑडिशन हुआ और वो चुन लिए गए।
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