अमिताभ बच्चन
कविता खत्म करने के बाद अमिताभ बच्चन कहते हैं, 'ये शब्द याद दिलाते हैं कि हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए। वे तब लिखे गए थे, जब देश अलग तरह के संकट और चुनौतियों का सामना कर रहा था। लेकिन वे आज भी गूंजते हैं। मुझे लगता है कि ये शब्द कोविड योद्धाओं हमारे फ्रंटलाइन वर्कर्स के जज्बे को सेलिब्रेट करते हैं।'