Archana Gautam
अर्चना गौतम के इन आरोपों पर मंदिर प्रबंधन ने भी ट्वीट कर सफाई पेश की है कि अर्चना गौतम, शिवकांत तिवारी सहित सात लोगों के साथ दर्शन के लिए 31 अगस्त को आईं थीं। वह अपने साथ केंद्रीय सहायक मंत्री का सिफारिशी पत्र लाई थीं। शिवकांत तिवारी के मोबाइल नंबर पर 300 रुपये का दर्शन टिकट स्वीकृत करने का संदेश भेजा गया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, टिकट खरीदने का समय खत्म हो गया था। यह बताने पर अर्चना गौतम इतनी नाराज हुईं कि कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने लगीं। कर्मचारी ने दूसरी बार 300 रुपये के टिकट जारी किए। लेकिन, उन्होंने टिकट लेने से इनकार कर दिया। प्रबंधन का कहना है कि थाने में हमारे कर्मचारियों के खिलाफ बदसलूकी की झूठी शिकायत की है। हमारे कर्मचारी ने उन्हें सिर्फ सलाह दी थी कि अगर वे 1 सितंबर को वीआईपी दर्शन करना चाहती हैं तो 10,500 रुपये का वीआईपी टिकट ले सकती हैं, लेकिन उन्होंने ये समझ लिया कि उनसे रिश्वत मांगी जा रही है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि शुक्रवार को अभिषेक होने के कारण अधिक समय लगता है। इसलिए प्रबंधन मंगलवार और शुक्रवार को 'ब्रेक दर्शन पत्र' स्वीकार नहीं करता है। अर्चना ने शुक्रवार सुबह के लिए आवेदन किया था, इसलिए दर्शन की इजाजत नहीं दी गई। उन्होंने टीटीडी कार्यालय पहुंचकर कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की। हालांकि, उन्हें दर्शन करने दिए गए।