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ये थीं बॉलीवुड की सबसे क्रूर सास, इस एक्टर के थप्पड़ मारने से चेहरे की हो गई थी ऐसी हालत

Sat, 24 Feb 2018 03:57 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Lalita Pawar
बॉलीवुड में अपने सख्त रोल के लिए पहचान रखने वालीं एक्ट्र्रेस ललिता पवार की आज 20 वीं पुण्यतिथि है। 24 फरवरी 1998 को पुणे में उनका निधन हो गया था। ललिता हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे खतरनाक सास मानी जाती थीं। लेकिन इस एक्टर के थप्पड़ मारने से उनका एक्ट्रेस बनने का सपना हमेशा के लिए टूट गया....
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Lalita Pawar
ललिता का जन्म 18 अप्रैल 1916 को नासिक में हुआ था। वह हीरोइन बनना चाहती थीं। लेकिन एक फिल्म की शूटिंग के दौरान एक हादसे ने उनके इस सपने को चकनाचूर कर दिया। दरअसल, 1942 में फिल्म 'जंग-ए-आजादी' में मशहूर एक्टर भगवान दादा ने शूटिंग में ललिता को ऐसा जोरदार चांटा मारा कि वह जमीन पर जा गिरीं।
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ललिता के कान से खून बहने लगा। सेट पर तुरंत डॉक्टर को बुला ललिता का इलाज करवाया गया। लेकिन डॉक्टर के गलत दवाई देने से ललिता की आंख और चेहरा दोनों ही खराब हो गए। इतना ही नहीं ललिता के शरीर के दाहिने भाग को लकवा भी मार गया। 

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Lalita Pawar
लेकिन इतना कुछ होने के बाद भी ललिता ने हार नहीं मानी और अपने फिल्मी करियर को चालू रखा। मगर ललिता को इस हादसे के बाद कभी बतौर हीरोइन काम नहीं मिला और उन्होंने फिल्मों में सास का रोल करना शुरू कर दिया। आज भी ललिता को बॉलीवुड की सबसे खतरनाक सास बताया जाता है।
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Lalita Pawar
शायद ही आप जानते हों कि ललिता एक मंझी कलाकार होने के साथ-साथ एक सिंगर भी थीं। उन्होंने 1935 में आई फिल्म 'हिम्मते मर्दां' में 'नील आभा में प्यारा गुलाब रहे, मेरे दिल में प्यारा गुलाब रहे' गीत गाया था।  उस दौरान ये गाना काफी लोकप्रिय भी हुआ था। 
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Lalita Pawar
ललिता ने टीवी पर भी अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया। बता दें कि उन्होंने रामानंद सागर की रामायण में मंथरा का जबरदस्त अभिनय किया था। ललिता ने 32 साल की उम्र में ही कैरेक्टर रोल करने शुरू कर दिए थे। ललिता ने 18 रुपये के मासिक वेतन पर बतौर बाल कलाकार 1927 में आई मूक फिल्म 'पतित उद्धार' में भी काम किया था। 
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ललिता की काफी दर्दनाक मौत हुई थी। दरअसल 1990 में उन्हें जबड़े का कैंसर हो गया था जिसके बाद वह इलाज के लिए पुणे चली गईं। लेकिन धीरे-धीरे ललिता की याद्दाश्त कमजोर होने लगी और उनका वजन भी कम होने लगा। देखते ही देखते 24 फरवरी 1998 को उन्होंने अंतिम सांस ली। 
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