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बॉलीवुड की इस 'मां' को आखिरी दिनों में किसी ने नहीं पूछा, 3 महीने तक अस्पताल में अकेली पड़ी रही थीं

Tue, 30 Apr 2019 09:54 AM IST
भावना शर्मा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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बॉलीवुड की मां के रूप में फेमस हुईं अचला सचदेव किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। 1965 की हिट फिल्म 'वक्त' में बलराज साहनी की पत्नी की भूमिका निभाने वाली अचला को आज भी याद किया जाता है। इस फिल्म का गाना 'ऐ मेरी जोहराजबीं' सुनकर लोग झूम उठते हैं।
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1920 में पेशावर में जन्मीं अचला ने साल 2012 में आज ही के दुनिया को अलविदा कह दिया था। आज अचला की पुण्यतिथि है । हम आपको आज अचला सचदेव की निजी जिंदगी के कुछ किस्से बताते हैं । अचला ने अपने करियर में कई बड़े रोल निभाए हैं। अचला की आखिरी फिल्म 'दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे' थी।
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इस फिल्म में अचला ने काजोल की दादी का किरदार निभाया था। अचला सचदेव ने अपने करियर में कुल 250 फिल्में की थीं। फिल्मों के साथ अचला टीवी सीरियल में भी एक्टिव रहीं। अचला ने अपने करियर की शुरुआत यश चोपड़ा की फिल्म 'दाग' से की थी।

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इसके अलावा अचला फिल्म 'चांदनी', 'प्रेम पुजारी', 'मेरा नाम जोकर' और 'हरे राम हरे कृष्ण' में भी नजर आई थीं। लाखों दिलों पर राज करने वाली अचला अपने आखिरी समय में बहुत बुरी हालत में थीं। शादी के बाद वो पुणे शिफ्ट हो गई थीं। साल 2002 में उनके पति की मौत के बाद उनका ख्याल रखने वाला कोई नहीं था।
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उनका एक बेटा है जो यूएस में रहता है। पति की मौत के बाद वो 12 साल तक अकेली 2 बीएचके फ्लैट में रहती थीं। सिर्फ एक अटेंडेंट रात में उनके साथ रहती थी। एक रात वो पानी लेने के लिए किचन में गईं और गिर पड़ीं। इससे उनका पैर टूट गया। 
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उन्हें पुणे के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उनका पूरा शरीर पैरालाइज्ड हो गया था। बॉलीवुड का एक भी शख्स उन्हें देखने नहीं पहुंचा। देखभाल और अच्छे ट्रीटमेंट के अभाव में वो तीन महीने तक हॉस्पिटल में ही पड़ी रहीं। 
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अचला
एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस नंदा ने बताया था कि उनका बेटा कभी-कभी ही उनसे मिलने आता था। आखिरी समय में उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वो अपना इलाज करवा सकें। आखिरकार साल 2012 में वो जिंदगी की जिंदगी हार गईं और उनका निधन हो गया।
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