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अचला सचदेव: करोड़ों की मालकिन रहीं बॉलीवुड की इस 'मां' का कंगाली में कटा आखिरी दौर, खुद के बेटे ने भी नहीं ली सुध

Fri, 16 Jul 2021 03:04 PM IST
स्वाति सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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achala sachdev
सुपरहिट फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' में सिमरन यानी काजोल की दादी और कई फिल्मों में मां के रोल में नजर आईं अचला सचदेव की किसी परिचय की मोहताज नहीं। उनका जन्म 3 मई 1920 को पेशावर, पाकिस्तान में हुआ था। 1965 की हिट फिल्म 'वक्त' में बलराज साहनी की पत्नी की भूमिका निभाने वाली अचला को आज भी याद किया जाता है। इस फिल्म का गाना 'ओ मेरी जोहराजबीं' सुनकर आज भी लोग झूम उठते हैं। अचला ने अपने करियर में कई बड़े रोल निभाए हैं। अचला की आखिरी फिल्म 'दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे' थी। अचला सचदेवा ने अपने करियर में कुल 250 फिल्में की थीं। फिल्मों के साथ अचला टीवी सीरियल में भी एक्टिव रहती थीं। अचला ने अपने करियर की शुरुआत यश चोपड़ा की फिल्म 'दाग' से की थी। 30 अप्रैल 2012 को अकेलेपन से जूझते हुए पुणे के एक अस्पताल में उनका निधन हुआ। इस दौरान यूएस में रह रहे बेटे ज्योतिन ने भी उनकी कोई सुध नहीं ली। 
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दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे - फोटो : सोशल मीडिया
अचला ने अपने करियर की शुरुआत यश चोपड़ा की फिल्म 'दाग' से की थी। इसके अलावा अचला फिल्म 'चांदनी', 'प्रेम पुजारी', 'मेरा नाम जोकर' और 'हरे राम हरे कृष्ण' में भी नजर आई थीं। करोड़ों दिलों पर राज करने वाली अचला अपने आखिरी समय में बहुत बुरी हालत में थीं। शादी के बाद वो पुणे शिफ्ट हो गई थीं। साल 2002 में उनके पति की मौत के बाद उनका ख्याल रखने वाला कोई नहीं था।
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अचला सचदेव - फोटो : सोशल मीडिया
उनका एक बेटा है जो यूएस में रहता है। पति की मौत के बाद वो 12 साल तक अकेली 2 बीएचके फ्लैट में रहती थीं। सिर्फ एक अटेंडेंट रात में उनके साथ रहती थी। एक रात वो पानी लेने के लिए किचन में गईं और गिर पड़ीं। इससे उनका पैर टूट गया। उन्हें पुणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनका पूरा शरीर पैरालाइज्ड हो गया था। कहा जाता है तब बॉलीवुड का एक भी शख्स उन्हें देखने नहीं पहुंचा।

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अचला सचदेव - फोटो : सोशल मीडिया
देखभाल और अच्छे ट्रीटमेंट के अभाव में वो तीन महीने तक अस्पताल में ही पड़ी रहीं। एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस नंदा ने बताया था कि उनका बेटा कभी-कभी ही उनसे मिलने आता था। आखिरी समय में उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वो अपना इलाज करवा सकें। आखिरकार साल 2012 में वो जिंदगी की लड़ाई हार गईं और उनका निधन हो गया। 
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फिल्म-कभी खुशी कभी गम का एक दृश्य - फोटो : सोशल मीडिया

अचला के साथ 'कभी खुशी कभी गम' में काम कर चुके अमिताभ ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था, "अचला सचदेव जी के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। वह निजी जीवन में बेहद संजीदा और सौम्य महिला थीं। मैं उनकी आत्म की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।"

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