लगान
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
आमिर कहते हैं कि सिंक साउंड के साथ फिल्म शूट करने का उनका मन फिल्म ‘लगान’ से भी पांच साल पहले से हो रहा था। वह कहते हैं, ‘मुझे समझ आने लगा था कि जिस भावों के साथ मैं शूटिंग करने के समय संवाद बोलता हूं, वे भाव दोबारा डबिंग के वक्त लाना बहुत मुश्किल होता था। मैं अपने निर्माताओं से इसकी बात करता था तो वे सुनते नहीं थे। तो जब मैं निर्माता बना तो मैंने ये काम किया। उसके बाद से मैंने जितनी फिल्में की, सबमें सिंक साउंड शूटिंग ही की और सारी फिल्में सिंगल शेड्यूल में ही कीं। इस फैसले ने मुझे इस बात का एहसास कराया कि मैं सही सोच रहा था। और, बस इसके बाद तो मेरा जीवन पूरी तरह बदल गया।’