फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑस्कर अवॉर्ड के सबसे करीब थी महबूब खान की 'मदर इंडिया', सिर्फ एक वोट से रह गई थी पीछे

Sat, 08 Feb 2020 07:06 PM IST
प्रतीक्षा राणावत एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
mother india
ऑस्कर 2020 को लेकर सिने प्रेमियों की उत्सुकता बढ़ने लगी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब तक तीन भारतीय फिल्मों ने Best Foreign Language Film की कैटेगरी में ऑस्कर नामांकन हासिल किया है। वहीं उन फिल्मों में से एक है मदर इंडिया। विदेशी भाषा में बनी श्रेष्ठ फिल्म श्रेणी में भारत की ओर से 'मदर इंडिया' भेजी गई थी। फिल्म के तकनीकी पक्ष और निर्देशक द्वारा बनाई भावना की लहर से चयनकर्ता प्रभावित थे परंतु उन्हें यह बात खटक रही थी कि पति के पलायन के बाद महाजन द्वारा दिया गया शादी का प्रस्ताव वह क्यों अस्वीकार करती है जबकि सूदखोर महाजन उसके बच्चों का भी उत्तरदायित्व उठाना चाहता है।
विज्ञापन

2 of 4
फाइल फोटो
दरअसल, चयनकर्ता को यह किसी ने नहीं स्पष्ट किया कि भारतीय नारी अपने सिंदूर के प्रति कितनी अधिक समर्पित होती है। फिल्म भारत के सदियों पुराने आदर्श के प्रति समर्पित थी। ऑस्कर जीतने के लिए फिल्म की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को स्पष्ट करने के लिए वहां एक प्रचार विभाग नियुक्त किया जाना चाहिए था।
विज्ञापन

3 of 4
mother india
फिल्म के अंतिम दृश्य में एक मां अपने सबसे अधिक प्रिय पुत्र को गोली मार देती है क्योंकि वह सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ अपहरण कर रहा था। बताया जाता है कि 'मदर इंडिया' नरगिस द्वारा सुझाया गया नाम था।
विज्ञापन

4 of 4
mother india
मदर इंडिया तीसरे पोल के बाद महज एक वोट से ऑस्कर अवॉर्ड जीतने से चूक गई थी। उस साल बेस्ट फॉरेन फिल्म का अवॉर्ड इटालियन प्रोड्यूसर डीनो डे लॉरेन्टिस की फिल्म 'नाइट्स ऑफ केबिरिया' को मिला था। इसके बाद जो फिल्म ऑस्कर्स में फाइनल पांच में पहुंच पाई थी उनमें 1988 में आई मीरा नायर की फिल्म सलाम बॉम्बे और आमिर खान की 2001 में आई फिल्म लगान शामिल हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें