अन्नू कपूर की गिनती बॉलीवुड के शानदार अभिनेताओं में होती है। उनकी अदाकारी के चलते फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें एक विशेष पहचान हासिल है। सौ से अधिक फिल्मों और टेलीविजन शो में काम कर चुके अभिनेता ने अभिनय के क्षेत्र में आने के अपने उद्देश्य के बारे में खुलासा किया। अन्नू कपूर ने बताया कि वह अभिनय के क्षेत्र में क्यों आए। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा?
हिंदी सिनेमा में अभिनेता ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें 'मिस्टर इंडिया' और 'बेटा' जैसी फिल्मों में उनकी यादगार भूमिकाएं शामिल हैं, कपूर ने माना की अभिनय कभी भी एक सपना नहीं था, बल्कि, एक लक्ष्य तक पहुंचने का साधन था। कपूर का बचपन कठिनाइयों से भरा था। उनके पिता को उनके पेशे के कारण सामाजिक कलंक से जूझना पड़ा, उन्हें अपनी थिएटर कंपनी के कारण एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ा। कपूर अपने पिता के त्याग के बारे में सम्मान के साथ बात करते हैं, याद करते हैं कि कैसे उन्होंने अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए भारी कठिनाई झेली।
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अन्नू कपूर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अभिनेता ने भावुक होकर साझा किया, ‘मेरे पिता ने अपनी युवावस्था टेंट में रहकर गुजारी, गुजारा करने के लिए संघर्ष किया। उनके पेशे के लिए उनका उपहास किया जाता था और इसीलिए मेरी मां चाहती थीं कि मैं एक पेशेवर नौकरी के साथ एक सम्मानजनक करियर बनाऊं।’
गरीबी के दौर से गुजरते अपने परिवार के सफर का जिक्र करते हुए कहा, ‘इस दुनिया में हमेशा गरीब ही पीड़ित होता है।’ उन्होंने एएनआई से बातचीत के दौरान कहा, मेरे माता-पिता एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते थे। मैं उस सम्मान और प्यार को देखते हुए बड़ा हुआ हूं। यह प्यार का वह मूल है जिसने आज मैं जो कुछ भी हूं, उसे आकार दिया है। कपूर अक्सर अपने माता-पिता की शिक्षाओं, खासकर एक-दूसरे के प्रति उनके सम्मान को याद करते हैं। Vishal Mishra UK Concert: यूके में पहली बार आवाज का जादू बिखेरेंगे विशाल मिश्रा, संगीत को बताया अपना अस्तित्व