फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Board Exam Pattern: उत्तर प्रदेश में बदला बोर्ड परीक्षाओं का पैटर्न, उच्च शिक्षा क्षेत्र में भी हुए ये बड़े बदलाव

Thu, 21 Apr 2022 02:07 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

UP Govt Educational Reforms: राज्य सरकार ने यूपी बोर्ड परीक्षाओं का पैटर्न बदलने के साथ ही उच्च शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपीएमसपी की ओर से हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव किए जाएंगे।
विज्ञापन
1 of 7
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
UP Govt Higher Education Reforms Board Exam Pattern Changed: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार सत्ता संभालने के कुछ ही समय में राज्य की शिक्षा व्यवस्था और प्रणाली में ताबड़तोड़ बदलाव के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके तहत राज्य सरकार ने सूबे की बोर्ड परीक्षाओं का पैटर्न बदलने के साथ ही उच्च शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपीएमसपी की ओर से हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव किए जाएंगे। नए बदलाव के तहत स्मार्ट क्लासरूम आदि तैयार किए जाएंगे। स्कूलों की समयबद्ध पंचवर्षीय रेटिंग और समीक्षा होगी।
 
विज्ञापन

2 of 7
UP Board Exam Pattern - फोटो : Amar Ujala
बोर्ड परीक्षा पैटर्न में क्या बदला?
सरकार की घोषणा के अनुरूप 2022-23 की हाई स्कूल यानी कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा अब नए पैटर्न पर होगी। परीक्षा में एक बहुविकल्पीय प्रश्न पत्र दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को इसका उत्तर ओएमआर शीट पर देना होगा। वहीं, 2025 से इंटरमीडिएट यानी कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में यही पैटर्न लागू किए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा विद्यार्थियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कक्षा नौवीं और 11वीं में ही इंटर्नशिप कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। 

 
विज्ञापन

3 of 7
Sampoornanand Sanskrit University - फोटो : Sampoornanand Sanskrit University
संस्कृत उत्थान को ऐसे दिया जाएगा बढ़ावा
वहीं, सरकार की योजना के आधार पर संस्कृत को तकनीकी के माध्यम से रोजगार से जोड़ने के लिए 180 घंटे का सर्टिफिकेट और 360 घंटे का डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू भी किए जाएंगे। राज्य के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी की ओर से ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके तहत संस्कृत की पारंपरिक विद्या, कर्मकांड, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र और योग आदि का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।  

 

4 of 7
School Sports - फोटो : अमर उजाला
इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव को लेकर उठाए जाएंगे ये बड़े कदम
  1. आगामी पांच वर्ष में सभी ब्लॉकों में हाई स्कूल और इंटर कॉलेज की स्थापना की जाएगी। 
  2. प्रदेश में राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी। 
  3. राज्य में एक स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। 
  4. 100 दिन में 120 सरकारी कॉलेजों में ई-लर्निंग पार्क स्थापित किए जाएंगे।
  5. आईटीटाई कॉलेजों की भी रेटिंग और ग्रेडिंग की जाएगी।
  6. मंडल मुख्यालयों में पर खेल अकादमी और स्पोर्ट्स कॉलेज खोले जाएंगे।
  7. प्राधिकरण के जरिये पांच वर्ष में विद्यालयों का मूल्यांकन एवं सर्टिफिकेशन भी किया जाएगा। 
  8. विद्यार्थियों को रोजगान्मुख शिक्षा के लिए कौशल विकास का प्रशिक्षण और प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। 
  9. सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, रियल टाइम मॉनीटरिंग, स्टूडेंट ट्रैकिंग सिस्टम और एकीकृत डाटा प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी। 

 
विज्ञापन

5 of 7
AKTU - फोटो : social media
विश्वविद्यालयी शिक्षा प्रणाली में क्या-क्या बदलेगा?
इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश में अब यूजीसी की एक समय में दो डिग्री पाठ्यक्रमों में दाखिले की स्वीकृति के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया को सुगम बनाया जाएगा। वहीं, जिन विश्वविद्यालयों के पास नैक एक्रिडेशन है उनमें ड्यूल डिग्री और फॉरेन डिग्री पाठ्यक्रम जल्द शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। राज्य में दो वर्षों के भीतर संस्कृत शिक्षा निदेशालय का गठन किया जाएगा। इसके एकीकृत डाटा प्रबंधन प्रणाली लागू किया जाएगा। 

इंटरनल में फेल हो गए तो भी पास माने जाएंगे
नए बदलाव के तहत अगर कोई छात्र किसी भी पाठ्यक्रम या पेपर के आंतरिक मूल्यांकन में फेल हो जाता है और संबंधित फाइनल एग्जाम में वह 33 फीसदी अंक प्राप्त कर लेता है तो उसे उत्तीर्ण ही माना जाएगा।  
 
विज्ञापन

6 of 7
gbu
क्रेडिट बेस्ड स्कोर और ग्रेडिंग से कॉलेज-यूनिवर्सिटी बदलना होगा आसान
सरकार के योजना दिशा -निर्देशों के अनुसार, राज्य के अंदर छात्र एक से दूसरे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में ट्रांसफर ले सकें इसे लेकर नियम अब और आसान होंगे। सभी सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालयों में बीए, बी कॉम और बीएससी आदि ग्रेजुएट कोर्सेज में क्रेडिट बेस्ड स्कोर और ग्रेडिंग प्रणाली लागू की जाएगी। ताकि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप एक से दूसरे कॉलेज और विश्वविद्यालय में अबेकस-यूपी के जरिये स्टूडेंट्स ट्रांसफर की व्यवस्था लागू हो सकेगी। इसके लिए 10 सूत्रीय ग्रेडिंग तैयार की जाएगी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Exam Results - फोटो : अमर उजाला
पास पर्सेंटेज को लेकर क्या हैं नए बदलाव?
  1. कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर सभी पाठ्यक्रमों का उत्तीर्ण प्रतिशत 33 फीसदी अंकों पर आधारित ही रहेगा। 
  2. सह-पाठ्यक्रम कोर्स तथा तृतीय वर्ष में लघु शोध में उत्तीर्ण करने के लिए न्यूनतम 40 फीसदी अंक आवश्यक होंगे। 
  3. कौशल विकास और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में पूर्णांक 100 निर्धारित किए गए हैं। 
  4. कौशल विकास कोर्स में भी उत्तीर्णांक 40 प्रतिशत ही निर्धारित किए है। 
  5. इनमें प्रशिक्षण और प्रयोगात्मक परीक्षा का मूल्यांकन 60 अंकों और लिखित परीक्षा का मूल्यांकन 40 अंकों में से होगा। 
  6. इसमें भी न्यूनतम उत्तीर्णांक 40 ही रखे गए है।
  7. सभी विषयों के मुख्य, माइनर और सह पाठ्यक्रम में अधिकतम 100 अंक में से प्राप्तांक की गणना 25 अंकों के आतंरिक मूल्यांकन और 75 अंकों की विश्वविद्यालय परीक्षा में प्राप्त अंकों को जोड़कर की जाएगी। 
  8. विद्यार्थी को लिखित और प्रयोगात्मक परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए 75 में से न्यूनतम 25 अंक (33 फीसदी) अंक प्राप्त करने होंगे। 
  9. आंतरिक मूल्यांकन और विश्वविद्यालय परीक्षा में पास होने के लिए कुल 33 फीसदी अंक प्राप्त करने होंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें