करसनभाई पटेल आज दुनिया का जाना माना नाम है। करसनभाई पटेल का जन्म गुजरात के महसाना में एक किसान परिवार के घर हुआ था। इन्होंने सन् 1969 में घर पर ही डिटर्जेंट बनाना शुरू किया और आज उसी वाशिंग पाउडर की बदौलत अरबपति हैं।
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गली गली घूमकर बेचा करते थे वॉशिंग पाउडर, आज अरबों का है निरमा का व्यापार
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उन्होंने रसायन विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की। करसनभाई पटेल ने छ साल तक लैब टेक्निशियन का काम किया और रात में घर आकर डिटर्जेंट बनाया करते थे।
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वे लोगों के घर-घर जाकर डिटर्जेंट बेचा करते थे और आज हर घर निरमा को जानता है। वे इसके हर पैकेट पर कपड़े साफ ना होने पर पैसे वापस करने की गारंटी देते थे। उस समय सबसे सस्ता पाउडर 13 रुपए प्रति किलो था लेकिन ये अपना पाउडर सिर्फ तीन रुपए प्रति किलो पर ही बेचते थे।
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आज ये नाम इतना बड़ा हो गया है कि हर जनरल स्टोर पर आपको कई लोग ये नाम लेते हुए मिल जाएंगे। करसनभाई पटेल ने 15,000 लोगों को रोजगार दिया।
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बताया जाता है कि जब उन्होंने डिटर्जेंट बनाना शुरू किया तो कुछ विदेशी कंपनियां ही इसका काम करती थी। डिटर्जेंट बेचने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और एक छोटी सी दुकान खोल ली।
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1995 में उन्होंने अहमदाबाद में निरमा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्लोलॉजी की स्थापना की और 2004 में निरमा लैब्स की स्थापना की। करसनभाई पटेल ने इस डिटर्जेंट का नाम अपनी बेटी के नाम पर रखा।