सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) से जुड़े सूत्रों ने बुधवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 2021 में हुए घोटाले के बारे में बड़ा खुलासा किया है। सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि यह सच है कि नीट 2021 में डमी कैंडिडेट यानी परीक्षार्थी की जगह किसी अन्य अनुभवी छात्रों को परीक्षा में बिठाने का काम किया गया है। प्रॉक्सी उम्मीदवार का इस्तेमाल परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रयास किया गया है। इतना ही नहीं, इस काम के लिए प्रति छात्र 50-50 लाख रुपये तक के भुगतान होने की बात सामने आई हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सीबीआई टीम ने नागपुर स्थित एक शिक्षा केंद्र के साथ अपनी जांच शुरू की, जिसने नीट 2021 देने के लिए प्रॉक्सी उम्मीदवारों को भेजा और उसी के लिए प्रति उम्मीदवार लगभग 50 लाख रुपये का शुल्क लिया गया। फिलहाल, कई अन्य छात्रों और संस्थानों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि तमिलनाडु में नीट परीक्षार्थियों की आत्महत्या के मामले ने देश भर में सियासी तूफान ला दिया था। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित करवाकर राज्य में नीट परीक्षा की बाध्यता को खत्म कराने की ओर कदम बढ़ाए थे। इसके तुरंत बाद नीट पेपर लीक प्रकरण ने इस मामले को और तूल दे दिया। पेपर लीक प्रकरण की जांच सीबीआई कर रही है।