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Indian Administrative Service: कैसे बनते हैं आईएएस अधिकारी? जानिए चयन प्रक्रिया, वेतन भत्ते एवं सुविधाएं

Fri, 03 Sep 2021 04:56 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

How to become an IAS officer: एक IAS officer (आईएएस अधिकारी) ही भारतीय नौकरशाही के सबसे बड़े पद कैबिनेट सचिव तक भी पहुंच सकता है। मंत्रालयों में सचिव, उप सचिव, सहायक सचिव, अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव जैसे पद आईएएस अधिकारी को ही मिलते हैं। 
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आईएएस : भारतीय प्रशासनिक सेवा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
देश की सरकारी नौकरियों में भारतीय प्रशासनिक सेवा (Indian Administrative Service) की नौकरी को सबसे अहम एवं प्रतिष्ठित माना जाता है। इसमें चयन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से आयोजित की जानी वाली सिविल सेवा परीक्षा (CSE - Civil Service Examination) के जरिये होता है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में शामिल भी होते हैं, लेकिन कुछ की ही मेहनत सफल हो पाती है और वे चयनित हो पाते हैं।
संघ लोक सेवा आयोग की ओर से भारत सरकार के करीब 24 सेवा विभागों में उच्चाधिकारियों की भर्ती के लिए सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE) आयोजित की जाती हैं। इसी परीक्षा से आईएफएस (IAS), आईपीएस (IAS) और आईआरएस (IAS) भी बनते हैं। लेकिन इनमें सबसे अहम पद है आईएएस ऑफिसर (IAS officer) यानी भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी का। इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस यानी आईएएस से ही ब्यूरोक्रेसी यानी नौकरशाही में प्रवेश होता है। आईएएस में चयनित उम्मीदवार विभिन्न मंत्रालयों में सचिव, विभागों के सचिव, निगम और आयोगों के प्रशासनिक प्रमुख या जिलों के प्रशासनिक अधिकारी/ जिलाधिकारी/ कलेक्टर बनते हैं।
एक IAS officer (आईएएस अधिकारी) ही भारतीय नौकरशाही के सबसे बड़े पद कैबिनेट सचिव तक भी पहुंच सकता है। मंत्रालयों में सचिव, उप सचिव, सहायक सचिव, अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव जैसे पद आईएएस अधिकारी को ही मिलते हैं। आइए जानते हैं आईएएस बनने के लिए क्या करना पड़ता है और बनने के बाद कौनसे पद मिलते हैं, क्या हैं अधिकार और तनख्वाह एवं सुविधाएं... 
 
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UPSC CSE - फोटो : social media
IAS officer कैसे बनते हैं?
  1. IAS (आईएएस) अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से स्नातक होना जरूरी है। 
  2. इसके बाद उसे संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE) पास करनी होती है।
  3. इस परीक्षा के जरिये भारत सरकार के करीब 24 सेवा विभागों में नियुक्तियां रैंक के आधार पर मिलती हैं।
  4. इस परीक्षा में शीर्ष रैंक (लगभग शीर्ष 100 रैंक) हासिल करने वाले उम्मीदवार ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में अधिकारी पद के योग्य होते हैं।
  5. चयन के बाद अधिकारियों की तीन महीने की शुरुआती ट्रेनिंग लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ही होती है। 
  6. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी IAS officer को एक मेडल दिया जाता है।   
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लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन
IAS officer की प्रशिक्षण व्यवस्था
  1. शुरुआती प्रशिक्षण यानी फाउंडेशन कोर्स - 16 सप्ताह (एलबीएसएनए, मसूरी, उत्तराखंड )
  2. व्यावसायिक प्रशिक्षण (प्रथम चरण ) - 26 सप्ताह (मसूरी)
  3. राज्य स्तर पर प्रशिक्षण (जिला प्रशिक्षण) - 52 सप्ताह  
  4. संस्थागत प्रशिक्षण (प्रथम चरण) - 3 सप्ताह
  5. विभिन्न विभागों में व्यावहारिक प्रशिक्षण (जिला प्रशिक्षण) - 45 सप्ताह
  6. संस्थागत प्रशिक्षण (दूसरा चरण) - 4 सप्ताह
  7. व्यावसायिक प्रशिक्षण (दूसरा चरण) - 9 सप्ताह
 

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IAS Rena Jamil - फोटो : social media
IAS officer की नियुक्ति कहां और कैसे होती है?
  • आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति के पहले वर्ष में लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम चलते रहते हैं। इसके पश्चात उन्हें एक उपखंड (Sub-division) सौंप दिया जाता है। 
  • शुरुआती तौर पर IAS officer को सब डिवीजनल ऑफिसर (SDO), सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (SDM), चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर (CDO) जैसे पदों पर नियुक्त किया जाता है। 
  • प्रत्येक दो वर्ष कार्य कर लेने के बाद उनका ट्रांसफर एक जिले से दूसरे जिले में किया जाता है। वहीं, अवर सचिव (Under Secretary) के तौर पर प्रशिक्षण के लिए 18 माह के लिए सचिवालय भेजा जाता है। 
  • IAS officer को इसके बाद जिलाधिकारी या जिलाधीश (District Magistrate), जिला कलेक्टर, डिप्टी कमिश्नर (DC) या डिवीजनल कमिश्नर यानी मंडल या संभागीय आयुक्त के पद पर नियुक्ति मिलती है।
  • हालांकि, IAS officer की नियुक्ति किसी स्वायत्त संगठन, सार्वजनिक उपक्रम, वर्ल्ड बैंक, एशियाई डेवलपमेंट बैंक जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भी की जा सकती है। वहीं, केंद्रीय मंत्री के सचिव के रूप में भी कार्य करते हैं।
 
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आईएएस गरिमा अग्रवाल - फोटो : सोशल मीडिया
IAS officer के ड्रेस कोड, अंगरक्षक 
आईएएस अधिकारियों का कोई ड्रेस कोड निर्धारित नहीं होता है। हालांकि, रैंक के अनुसार वे अपने स्तर पर इच्छानुसार, फॉर्मल ड्रेस और कोट पहनते हैं। वहीं, सुरक्षा और पद वरीयता के लिहाज से एक आईएएस अधिकारी के साथ दो या तीन अंगरक्षक और सहायक रहते हैं। 

IAS officer के प्रमुख कार्य एवं जिम्मेदारियां
  • आईएएस अधिकारी एक डीएम यानी जिलाधिकारी के तौर पर काफी ज्यादा शक्तिशाली होते हैं। 
  • जिलाधिकारी के रूप में वह जिले के पुलिस विभाग के साथ-साथ जिले के सभी विभागों के प्रशासनिक मुखिया भी होते हैं। 
  • IAS officer पद एवं दायित्व स्तर पर विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं। 
  • ये सरकार के प्रतिनिधि के रूप में विभिन्न प्रस्ताव, संधि एवं समझौतों पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत होते हैं।
  • लोक प्रशासन और नीति निर्माण और कार्यान्वयन के लिए IAS officer जिम्मेदार होते हैं, यानी सरकार जो नीतियां बनाती है उन्हें लागू करवाने काम एक आईएएस अधिकारी का होता है।  
     
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दिल्ली में नौकरशाहों के वाहन - फोटो : File
IAS officer के वेतन, भत्ते और सुविधाएं
  • प्रशासनिक अधिकारियों को वेतन स्केल के आधार पर होता है, जैसे- जूनियर स्केल, सीनियर स्केल, सुपर टाइम स्केल, इसके अलावा वेतनमानों में अलग-अलग वेतन बैंड भी होते हैं। 
  • आईएएस अधिकारियों को काफी बेहतरीन वेतन, कई प्रकार के भत्ते और सुविधाएं भी मिलती हैं। सातवें वेतन आयोग के अनुसार IAS officer की बेसिक सैलरी 56,100 रुपये महीना होती है।
  • टीए-डीए जैसे भत्तों को गिने तो नौकरी की शुरुआत में ही एक IAS officer को वेतन एक लाख रुपये से ज्यादा होता है। जबकि शीर्ष पद चीफ सेक्रेटरी के लिए करीब 2,50,000 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाती है। 
  • IAS अधिकारियों को तमाम सुविधाएं जैसे बंगला, कुक, चपरासी और स्टाफ शामिल हैं। इसके अलावा उन्हें दूरभाष, यात्राएं भी फ्री होती हैं। 
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आईएएस ओपी पटेल (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
कैसे होती है IAS officer की पदोन्नति?
प्रशासनिक सेवा अधिकारियों की पदोन्नति वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर होती है। सेवा समय के साथ इनका प्रदर्शन ही इनकी प्रोन्नति का आधार बनता है। प्रोन्नति के बाद IAS officer केंद्र और राज्य सरकार के अंतर्गत कई पदों पर कार्य करते हैं। जैसे-  
  • भारत या राज्य सरकार में अवर सचिव
  • भारत सरकार के अधीन उप-सचिव
  • भारत सरकार के अधीन निदेशक
  • भारत सरकार के अधीन संयुक्त सचिव / राज्य सरकार के अधीन सचिव
  • भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव / राज्य सरकार में मुख्य सचिव
  • भारत सरकार में सचिव / प्रधान सचिव
  • कैबिनेट सेक्रेटरी 
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