देशभर में वैश्विक संक्रामक महामारी कोरोना वायरस के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं हैं। वहीं, निजी क्षेत्र के अस्पताल, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा संस्थान भी बेहाल और लाचार नजर आ रहे हैं। मरीजों की संख्या इतनी ज्यादा है कि अस्पतालों में न केवल सुविधाओं बल्कि चिकित्सकों, मेडिकल कर्मियों और नर्सिंग एवं देखभाल कर्मियों जैसे स्टाफ की भारी कमी पड़ रही है। कई राज्यों में तो सालों से नए स्टाफ को पोस्टिंग नहीं मिली है, जिससे वहां स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विद्यार्थियों को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हैं।