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CBSE Term -1 Results: सीबीएसई के टर्म-1 परीक्षा परिणाम से संबंधित सभी जरूरी सवालों के जवाब इस खबर में मिलेंगे

सार

CBSE Term -1 Results: बीएसई ने देर रात दसवीं का परिणाम स्कूलों को ईमेल के माध्यम से भेज दिया था। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि बारहवीं कक्षा के परिणाम भी जल्द ही जारी किए जा सकते हैं।   
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CBSE Term -1 Results - फोटो : Amar Ujala
CBSE Term -1 Results: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से दसवीं और बारहवीं दोनों ही कक्षा की टर्म-1 परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। बोर्ड ने इस बार छात्रों के परिणाम आधिकारिक वेबसाइट के बजाय ईमेल के माध्यम से स्कूलों को भेजे हैं। सीबीएसई के इस कदम के कारण अब छात्रों की दुविधा और ज्यादा बढ़ गई है। ऐसे में अमर उजाला लाया है छात्रों के लिए कुछ जरूरी सवाल और उनके जवाब, जिन्हें जानकर छात्र परीक्षा और परिणाम को लेकर अपनी दुविधाओं को दूर कर सकते हैं। 
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CBSE Term -1 Results - फोटो : Amar Ujala
CBSE Term -1 Results: सीबीएसई की ओर से आधिकारिक वेबसाइट पर परिणाम जारी किए जाएंगे?
सीबीएसई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दसवीं कक्षा का परिणाम के लिए जारी किए गए सर्कुलर में बताया था कि छात्रों के परिणाम केवल थ्योरी परीक्षा में किए गए प्रदर्शन के आधार पर जारी किए गए हैं। छात्रों का स्कोरकार्ड इस बार आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। इसलिए अब ऐसी उम्मीद कम ही है कि बोर्ड छात्रों के परिणाम को आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करेगा। हालांकि, टर्म-2 परीक्षा का परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जा सकता है। 
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सीबीएसई मामलों के एक्सपर्ट डॉ रंजीत सिंह। - फोटो : Amar Ujala
CBSE Term -1 Results: क्या टर्म-1 परीक्षा में पास और फेल भी होंगे छात्र?
नहीं, सीबीएसई ने पहले ही इस बात का जिक्र कर दिया है कि टर्म-1 परीक्षा में छात्रों का पास या फेल स्टेटस नहीं बताया जाएगा। टर्म-2 परीक्षा के बाद दोनों परीक्षाओं में छात्रों के प्रदर्शन का आंकलन कर के मार्कशीट तैयार की जाएगी। वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ रंजीत सिंह ने इस बात पर कहा कि टर्म-1 परीक्षा के परिणाम केवल छात्रों के प्रदर्शन के आंकलन के लिए है। ताकि ऐसे छात्र जो टर्म-1 परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं अपना प्रदर्शन सुधार सकें।  

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CBSE Term -1 Results - फोटो : Amar Ujala
CBSE Term -1 Results: क्या टर्म-1 परीक्षा में टॉपर की सूची भी जारी होगी?
नहीं, चूंकि टर्म-1 परीक्षा में किसी भी छात्र का पास या फेल का स्टेटस नहीं बताया जा रहा है। इसलिए इस परीक्षा में टॉपर की घोषणा नहीं होगी। वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ रंजीत सिंह ने बताया कि सीबीएसई ने परिणाम को स्वयं परफॉर्मेंस (प्रदर्शन) का नाम दिया है। इससे छात्र और उनके परिजनों को अपने प्रदर्शन का अंदाजा हो जाएगा। साथ ही वह अगले टर्म की परीक्षा के लिए खुद को तैयार भी कर सकेंगे। 
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CBSE Term -1 Results - फोटो : Amar Ujala
CBSE Term -2 Exams: टर्म- 2 परीक्षा की डेटशीट हो चुकी जारी
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से दसवीं और बारहवीं कक्षा की टर्म-2 परीक्षा की डेटशीट जारी हो चुकी है। यह परीक्षाएं 26 अप्रैल, 2022 से शुरू की जाएंगी। 12वीं  की टर्म-2 परीक्षा 26 अप्रैल, 2022 से शुरू की जाएगी। वहीं, परीक्षा की समाप्ति 15 जून, 2022 को होगी। वहीं, 10वीं कक्षा की टर्म-2 परीक्षा का आयोजन 26 अप्रैल, 2022 से शुरू होगा और 24 मई, 2022 को परीक्षा की समाप्ति होगी। बता दें कि इस साल सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में करीब 36 लाख छात्र-छात्राओं ने अपना पंजीयन कराया है।

 
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CBSE Term -1 Results - फोटो : Social Media
CBSE Term -1 Results: क्या कोरोना के दौर में ऑफलाइन परीक्षाएं जायज हैं?
इस मुद्दे पर वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ रंजीत सिंह कहते हैं कि परीक्षा ऑफलाइन मोड में ही आयोजित कराई जानी चाहिए। ऑफलाइन परीक्षाएं ऑनलाइन के मुकाबले ज्यादा आसान होंगी। देश में अब कोरोना के मामले काफी कम हो गए हैं। देशभर में स्कूल वापस से खुल चुके हैं। ऐसे में सावधानी के साथ ऑफलाइन कक्षाओं का आयोजन ज्यादा सही है। परीक्षा के दौरान सामान्य से अधिक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना चाहिए। परीक्षा और स्कूल के संचालन में भी सभी कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। छात्रों को स्कूल में आने पर पढ़ाई में अधिक आसानी होगी।  
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CBSE Term -1 Results - फोटो : Social Media
CBSE Term -1 Results: क्या दो टर्म की परीक्षाएं फायदेमंद हैं और आगे भी रहेंगी?
इस पर वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ रंजीत सिंह कहते हैं कि दो टर्म की परीक्षाएं छात्रों के लिए ज्यादा फायदेमंद हैं। पहले भी ऐसा किया जा चुका है। महाराष्ट्र में पहले से ही सेमेस्टर सिस्टम है। इससे छात्रों को भी सुविधा मिलती है। पहले टर्म की परीक्षा का सिलेबस दूसरे टर्म में नहीं पूछा जाएगा। इससे छात्रों को टर्म-2 के दौरान अच्छी तैयारी करने का मौका मिलेगा। अगर छात्र पहले टर्म में अच्छा प्रदर्शन न कर पाए तो वह दूसरे टर्म के लिए अच्छी तैयारी कर सकता है। आनाकानी करने वाले छात्र भी दो बार परीक्षा होने पर अधिक मन लगा कर पढ़ सकते हैं। परिजनों को भी इससे कम खर्चा लगता है (अब बल्क का मामला खत्म हो गया है)। 
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