देश की राजधानी में बच्चे की चाह में एक महिला ने अंधविश्वास और तांत्रिक के चक्कर में पड़कर पड़ोसी के तीन साल के बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। महिला ने बच्चे के शव को बोरे में बंद कर उसे पड़ोसी की छत पर फेंक दिया। बच्चे के नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने छानबीन करने के बाद छत से बच्चे के शव को बरामद कर लिया और छानबीन कर महिला को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि शादी के आठ साल होने के बाद भी महिला को कोई बच्चा नहीं है। इसके लिए उसने हरदोई में एक तांत्रिक से मुलाकात कर उपाए पुछे। तांत्रिक ने उसे एक बच्चे की बलि देने के लिए कहा था। पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ कर जांच में जुटी है। वहीं बच्चे के घर में घटना के बाद से कोहराम मचा हुआ है।
जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि गिरफ्तार महिला की पहचान मूलत: गांव सुंदाबल, हरदोई, यूपी निवासी नीलम गुप्ता(25) के रूप में हुई है। वह अपने पति पंकज गुप्ता के साथ रिठाला गांव में रहती थी। शनिवार शाम को पुलिस को रिठाला गांव गली नंबर 18 में तीन साल के पीयूष गुप्ता के लापता होने की जानकारी मिली थी। उसके पिता दयाराम गुप्ता ने बताया कि पीयूष छत पर मौजूद था। वह नीचे भी नहीं आया था। पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की और छत पर छानबीन की। पुलिस को पड़ोस की छत पर एक बोरा मिला, जो दीवार से सटाकर रखा गया था।
पुलिस ने जब बोरा खोला तो उसमें पीयूष का शव मिला। उसके गर्दन पर निशान थे और होंट काले पड़ गए थे। शव मिलने के बाद वहां दहशत फैल गया। शव को कब्जे में करने के बाद पुलिस उस मकान में रहने वाले लोगों और पड़ोसियों ने पूछताछ शुरू की। जिसमें पता चला कि बच्चे को अंतिम बार पांचवीं मंजिल पर रहने वाली नीलम के साथ देखा गया था। नीलम ने पूछताछ के दौरान पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। शक होने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। जिसमें उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली। उसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।