disha ravi
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मामले में गिरफ्तार दिशा रवि ने पूछताछ में बताया कि टूलकिट बनाने और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने के लिए इंटरनेशनल फार्मर्स स्ट्राइक नामक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। इस ग्रुप में 67 नामी लोग शामिल थे, जिनमें कई विदेशी थे। इसी ग्रुप पर टूलकिट का मसौदा तैयार हुआ था। इसके बाद जूम बैठक में ग्रुप के लोगों से कहा गया कि वे अपने जानने वाली अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को ये टूलकिट भेजेंगे, ताकि दुनिया को भारत में किसानों पर हो रही कथित ज्यादती का पता चल सके।