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Deep Sidhu Death: 'गैंगस्टर' बन मशहूर हुए थे दीप सिद्धू, जानें कैसे जुड़ा था किसान आंदोलन से कनेक्शन

Wed, 16 Feb 2022 12:13 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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दीप सिद्धू (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
सोनीपत में कुंडली-पलवल-मानेसर (केएमपी) एक्सप्रेस-वे पर टोल प्लाजा के पास स्कार्पियो गाड़ी के ट्राला में टकराने से मशहूर पंजाबी गायक संदीप उर्फ दीप सिद्धू की मौत हो गई, जबकि उनकी मंगेतर रीना राय घायल हो गईं। हादसा उस समय हुआ जब दीप सिद्धू अपनी मंगेतर के साथ स्कार्पियो से दिल्ली से पंजाब जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर खरखौदा सीएचसी भेजा। उनकी मंगेतर को भी सीएचसी में भर्ती कराया गया है। 

मुक्तसर में हुआ था जन्म, मॉडलिंग से की थी करियर की शुरुआत
पंजाब के मुक्तसर जिले में अप्रैल 1979 में जन्मे संदीप उर्फ दीप सिद्धू करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। दीप सिद्धू ने लॉ की पढ़ाई की थी। वह किंगफिशर मॉडल हंट के विजेता रहे। मिस्टर इंडिया कॉन्टेस्ट में मिस्टर पर्सनालिटी का खिताब भी जीता। वर्ष 2015 में उसकी पहली पंजाबी फिल्म -रमता जोगी- रिलीज हुई थी। हालांकि दीप सिद्धू वर्ष 2018 में आई फिल्म जोरा दास नंबरिया से मशहूर हुए, जिसमें उनका किरदार गैंगस्टर का था।
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दीप सिद्धू (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
यह फिल्म काफी चली, जिससे लोगों को दीप सिद्धू नाम का पंजाबी अभिनय करने वाला कलाकार मिला। देओल परिवार के घरेलू बैनर विजेता फिल्म्स के तहत दीप ने 2015 में हीरो के रूप में अपनी पहली पंजाबी फिल्म रमता जोगी में काम किया। यह फिल्म बॉक्स आफिस पर काफी चली। 
 
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दीप सिद्धू (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
इस फिल्म का निर्देशन प्रसिद्ध फिल्मकार गुड्डू धनोआ ने किया था। इसके बाद दीप वरिष्ठ पंजाबी अभिनेता गुग्गू गिल के साथ फिल्म साड्डे आले में दिखाई दिए। वर्ष 2020 में अमरदीप सिंह गिल के निर्देशन में जोरा का दूसरा भाग जोरा, सेकेंड चैप्टर रिलीज हुआ। इसमें धर्मेंद्र दीप सिद्धू के साथ थे। इसके बाद ही किसान आंदोलन शुरू हो गया। 

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दीप सिद्धू (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
दीप सिद्धू किसान संगठनों के साथ आ गए। कुछ समय बाद, दीप सिद्धू ने किसान नेताओं के फैसलों पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। इसके साथ ही सिंघु बार्डर पर अपना मंच बना लिया। अधिकांश भाषण तीन कृषि कानूनों की जगह भारत के संविधान में गैर संघीय ढांचे पर केंद्रित थे। 
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सड़क हादसे में दीप सिद्धू की मौत। - फोटो : फाइल फोटो
कृषि कानूनों के बारे में बात न करने के लिए किसान संगठनों ने उन्हें सिंघु बॉर्डर के मुख्य मंच से बोलने से रोक दिया, जिसे लेकर तनातनी हो गई थी। उगराहां ग्रुप ने आरोप लगाया कि सिद्धू किसान आंदोलन की दिशा बदल रहे हैं। दीप सिद्धू अपने सोशल मीडिया पर जरनैल सिंह भिंडरावाले के बारे में पोस्ट करते रहते थे, जिसकी वजह से किसान संगठनों ने उनसे खुद को दूर कर लिया। 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड निकालने का फैसला हुआ तो दीप सिद्धू ने अपना गुट अलग से खड़ा कर लिया। 26 जनवरी को प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग किसान ट्रैक्टर परेड के निर्धारित मार्ग से अलग हो गया और लाल किले पर पहुंच गया। लाल किले पर निशान साहिब (सिखों का परंपरागत केसरिया झंडा) और किसानों के हरे-पीले झंडों को फहराया। 
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फाइल फोटो - फोटो : इंस्टाग्राम
इसके बाद दीप सिद्धू एकदम से सुर्खियों में आ गया। दीप सिद्धू ने लाल किले की घटना के बाद रात को फेसबुक लाइव के माध्यम से अपना स्पष्टीकरण भी दिया था और कहा था कि हमने कोई झंडा नहीं उतारा, बल्कि अपना निशान साहिब और किसान मजदूर एकता का झंडा वहां फहराया। यह पूरी संगत का गुस्सा था, न कि मेरे अकेले की कार्रवाई। मैंने किसी को आगे नहीं बढ़ाया। जोश में सब कुछ हो गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने दीप सिद्धू को गिरफ्तार किया था।
 
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