कोरोना लॉकडाउन हटने के बाद दिल्ली के बाजारों में उमड़ी भीड़
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तीसरी लहर आने की संभावना प्रबल
सफदरजंग अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि अगली लहर आने का खतरा वायरस के स्वरूप बदलने की संभावना पर टिका है। अगर वायरस के स्ट्रेन में कोई बदवाल हुआ और समय पर उसकी पहचान न हो सकी तो अगली लहर आएगी। उन्होंने कहा कि इससे बचने के दो तरीके हैं। पहला बड़े स्तर पर जीनोम जांच को बढ़ाया जाए। इससे वायरस में हुए बदवाल की सही समय पर पहचान हो सकेगी और उस स्ट्रेन वाले क्षेत्र को कंटेन करके वायरस के प्रसार को रोका जा सकेगा। डॉ. के मुताबिक, लॉकडाउन खुलने के बाद अब मास्क, दो गज की दूरी का पालन करें। सभी पात्र लोग टीका भी लगवा लें तो कोरोना की अगली लहर के खतरे को कम किया जा सकता है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कृष्ण राजभर का कहना है कि अगली लहर आने की पूरी संभावना है, लेकिन अभी यह नहीं कह सकते कि इसके आने में कितना समय लगेगा, हो सकता है कि अगले दो से तीन महीने में ही आ जाए या काफी समय बाद आए। उन्होंने कहा कि कम समय में ही अधिक टीकाकरण करने से अगली लहर के खतरे को कम किया जा सकता है।