गोकुलपर गांव में झुग्गियों में लगी आग भले ही बुझ चुकी है, लेकिन दिलों में गम की आग सुलग रही है। घटनास्थल पर फैला मंजर 36 घंटे बाद भी खौफनाक नजर आया। गमजदा चेहरे, आंखों से टपकते आंसुओं के साथ पीड़ित परिवारों की चीखें खाक मंजर में अपनों को तलाश रही हैं। दिल में दर्द ने इस कदर जगह बना ली है कि दिन के चैन व रात की नींद से वास्ता खत्म हो गया है।