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Environment day : राजधानी के स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में मनाया गया पर्यावरण दिवस, 35 लाख पौधे रोपेगी दिल्ली सरकार

Mon, 06 Jun 2022 05:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने लांच की हरित कार्य योजना, सात लाख पौधों का किया जाएगा वितरण, जुलाई से होगी शुरुआत।
 
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हरित कार्य योजना लांच करते गोपल राय - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने रविवार को हरित कार्य योजना लांच की। इस योजना के तहत सरकार ने इस साल 35 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। पौधरोपण के इस महा अभियान की शुरुआत जुलाई महीने से वन विभाग द्वारा की जाएगी।  

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रविवार को दिल्ली सरकार ने इंदिरा गांधी स्टेडियम में हरित उत्सव का आयोजन किया। कार्यक्रम में पर्यावरण मंत्री बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दिल्ली सरकार के मुताबिक, हरित कार्ययोजना के तहत लगभग सात लाख पौधों का मुफ्त वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली में पिछले वर्ष लगाए गए पौधों की जीवित रहने की दर की जांच करने के लिए सभी संबंधित विभागों का थर्ड पार्टी ऑडिट किया जाएगा ताकि राज्य में पौधरोपण कार्यों की बेहतर पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित की जा सके। नई नीति के तहत पौधरोपण की गुणवत्ता, मिट्टी की नमी संरक्षण कार्य और लोगों में पर्यावरण की पहुंच और शिक्षा के कार्यों के लिए भी रोडमैप तैयार किया जाएगा। 

गोपाल राय ने कहा कि धरती हमारी मां समान है और इसकी प्रकृति को बचाने और बेहतर करने के लिए दिल्ली सरकार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में हर मुमकिन कोशिश कर रही है। 
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पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में मेट्रो की अहम भूमिका

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दिल्ली मेट्रो - फोटो : PTI

प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए दिल्ली मेट्रो के कदम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने सहित निर्माण एवं विध्वंस मलबा (सीएंडडी वेस्ट) का उचित तरीके से निष्तारण से भी पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की भूमिका बढ़ती जा रही है। 

पिछले वर्षों के दौरान कार्बन उत्सर्जन में कमी करते हुए 44 लाख, 11 हजार, 752 कार्बन क्रेडिट अर्जित कर दिल्ली मेट्रो का नाम दुनिया की तमाम रेल प्रणालियों में अग्रणी हो गया है। दिल्ली के पर्यावरण को स्वच्छ बनाने की इस मुहिम में कार्बन क्रेडिट से करोड़ों की कमाई भी हो रही है।  मेट्रो परिचालन शुरू होने के बाद से ही दिल्ली मेट्रो की हमेशा कोशिश रही है कि कम से कम प्रदूषण हो। दिल्ली के प्रदूषण स्तर को देखते हुए डीएमआरसी की सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की पहल को भी काफी सराहा जा रहा है। 

प्रदूषण कम करने के लिए डीएमआरसी ने निर्माण और विध्वंस मलबा (सीएंडडी वेस्ट)का उचित निष्तारण कर पर्यावरण को प्रदूषित करने से रोका।  इससे न केवल दिल्ली को पर्यावरण प्रदूषण से राहत मिली है बल्कि राजस्व का जरिया भी है। साल के अंत तक तक डीएमआरसी ने 50 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है।   पर्यावरण दिवस पर डीएमआरसी की ओर से किए गए ट्वीट में कहा है कि इतनी संख्या में कार्बन क्रेडिट अर्जित करने का दावा करने वाली दिल्ली मेट्रो पहली संस्था बन गई है। 

इसमें सालाना बढ़ोतरी भी लगातार जारी है और कार्बन क्रेडिट में बढ़ोतरी से हालात और भी बेहतर हो सकते हैं। दिल्ली मेट्रो ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि अब करीब 3.5 लाख टन मलबा का निस्तारण किया गया है। 

सड़कों से कम हुए लाखों वाहन
दिल्ली मेट्रो के परिचालन से रोजाना करीब 50 लाख यात्राएं होती है। इससे दिल्ली की सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या में कमी के साथ ही प्रदूषण को भी नियंत्रित किया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों को गंतव्य तक पहुंचने में समय की पाबंदी होने के कारण यह दिल्ली की जीवन रेखा बनी हुई है। मेट्रो नेटवर्क में विस्तार से यात्रियों को राहत मिलने सहित प्रदूषण कम करने में दिल्ली मेट्रो की अहमियत और बढ़ेगी।

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स्कूलों में मनाया गया पर्यावरण दिवस

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नवहिंद स्कूल में पर्यावरण दिवस का आयोजन - फोटो : अमर उजाला

पर्यावरण प्रदूषण आज विश्व की एक ज्वलंत समस्या है। जल, थल एवं वायु सभी प्रदुषित हो चुके हैं। इसीलिए विश्व भर मे पर्यावरण प्रदूषण से मुक्त होने के लिए हर स्तर पर प्रयास हो रहे हैं। इसी क्रम में नवहिंद स्कूल, न्यू रोहतक रोड में भी पर्यावरण दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा खरबंदा ने कहा कि यज्ञ अग्नि का सुगंधित धुआं पर्यावरण मे फैले विषाणुओं को नष्ट करता है। यज्ञ में प्रयुक्त पदार्थ अग्नि में डालने पर उससे उत्पन्न धुआं आणविक विकिरण के प्रभाव को भी कम कर देता है। विश्व भर मे हुए शोध इसकी पुष्टि करते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम मे लगभग 600, विधार्थियों व अध्यापिकाओं ने भाग लिया तथा संकल्प लिया कि वो पर्यावरण शुद्धि हेतु हर सम्भव प्रयास करेंगे और प्रत्येक विद्यार्थी अपने जन्मदिन पर कम से कम एक पोधा जरूर लगाएगा। 

बच्चों ने ली पर्यावरण बचाने की शपथ 
दिल्ली में हरित उत्सव के दौरान पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के साथ दिल्ली के विभिन्न स्कूलों के बच्चों और अध्यापको ने 10  महत्वपूर्ण शपथ लीं। शपथ के अनुसार, स्कूटर, बाइक या कार की जगह बस और मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन माध्यमों का उपयोग, एकल उपयोग प्लास्टिक से बनी चीजों का इस्तेमाल नहीं, घर से निकलने वाले  हर रोज के कूड़े-कचरे को गीले और सूखे कचरे के अनुसार अलग अलग करना, कूड़ा-कचरा और पत्तियां खुले में नहीं जलाना, पौधे लगाना और मौजूदा पेड़ो की रक्षा करना, इलेक्ट्रॉनिक कचरे का निस्तारण सही एजेंसियो द्वारा करवाना, आवश्यक न होने पर विद्युत उपकरणों को बंद रखना, नया सामान खरीदने से पहले पुन: इस्तेमाल, रिपेयर और री थिंक नीति को अपनाना, ग्रीन दिल्ली एप पर प्रदूषण समस्याओं की रिपोर्ट करना व अगले 10 लोगों को इस शपथ के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है।

जैव विविधता पार्क में एलजी ने छात्रों संग मनाया पर्यावरण दिवस

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yamuna biodiversity park - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने रविवार को डीडीए की ओर से विकसित यमुना जैव विविधता पार्क का दौरा कर  दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ विश्व पर्यावरण दिवस मनाया। 

उनके साथ मुख्य सचिव नरेश कुमार, डीडीए के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता और डीडीए के जैव विविधता पार्क के प्रभारी प्रो. सीआर बाबू, प्रसिद्ध पर्यावरणविद डॉ. फैयाज ए खुदसर मौजूद थे। उन्होंने चाणक्यपुरी के नेहरू पार्क में एक एसटीपी और एनडीएमसी क्षेत्र में एक वर्षा जल संचयन स्थल का भी दौरा किया। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों, विभागों और अधिकारियों को एक प्रभावी, समयबद्ध और समन्वित तरीके से कचरों से निपटने के लिए काम करने का आह्वान किया।  उपराज्यपाल ने पार्क में विकसित विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों का मुआयना किया। उन्होंने यमुना नदी की विरासत को पुनर्जीवित करने और कंक्रीट के जंगलों के बीच शहरी वानिकी का एक अनुकरणीय मॉडल बनाने के लिए वैज्ञानिकों, अधिकारियों और उनकी टीम के समर्पित प्रयासों की सराहना की।

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जेएनयू के छात्र चंद्रभागा झील का करेंगे कायाकल्प

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जेएनयू - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र परिसर में स्थित चंद्रभागा झील को संवारेंगे। इसके लिए छात्र एक योजना पर काम कर रहे हैं और जल्द ही योजना को अमलीजामा भी पहनाया जाएगा। यह झील 240 से अधिक पक्षियों व 80 से अधिक तितलियों की शरण का केंद्र है।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जेएनयू के पर्यावरण विज्ञान संस्थान व एसएफडी के संयुक्त तत्वावधान में छात्रों ने जेएनयू की गंदी पड़ी चद्रभागा झील का निरीक्षण किया। पिछले कुछ समय से बुरे रखरखाव और लापरवाही के चलते यह झील अधिक गंदी हो गई है। झील की सतह  जलकुंभी से ढक गई है, जिससे ऑक्सीजन का स्तर बहुत गिर गया है। इस कारण इसमें रहने वाली मछलियां मर गई हैं। इसके अलावा ऐसा भी अंदेशा है की कुछ छात्रावासों का सीवर जल भी इसमें प्रवाहित होता है। जेएनयू में अभी दो सीवर शोधित संयंत्र हैं, जो हॉस्टलों से निकलने वाले जल का द्वितीयक शोधन करते हैं। 

एसएफडी के सह संयोजक स्वास्तिक ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर छात्रों ने झील का निरीक्षण शुरू किया ताकि इस विषय पर हम क्रमवार सही निर्णय ले सकें।  शुरुआती तौर पर जलकुंभी हटाने का काम काम किया जाएगा।

आईपीयू में मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस
विश्व पर्यावरण दिवस पर रविवार को गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके तहत यहां प्लास्टिक से बने बेकार सामान को हटाया गया। वहीं, पौधे से बने ऐसे खाद्य सामान की प्रदर्शनी लगाई गई जिनका नॉन- वेज जैसा स्वाद था। अडैप्ट टू ग्रीन थीम पर एक लघु वृत्तचित्र भी दिखाया गया। साथ ही परिसर में बड़ी संख्या में औषधीय पौधे भी लगाए गए।

कार्यक्रम के दौरान डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया कार्यक्रम के प्रमुख डॉक्टर सजल वोहरा, वर्ल्ड ऐनिमल प्रटेक्शन इंडिया के देश निदेशक गजेंद्र कुमार शर्मा, डब्ल्यूएपी की ओर से निधि मोहन कमल, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ इनवायरमेंट मैनेजमेंट की डीन प्रो. रीटा सिंह व प्रो. पी. भट्टाचार्य भी मौजूद थे। यूनिवर्सिटी के कुलसचिव शैलेंद्र सिंह परिहार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को आज की भागमभाग की जिंदगी में ध्यान से बाहर न होने दें। इसे अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। प्रतिदिन किए गए छोटे- छोटे प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव हो सकता है। 

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में हमें पर्यावरण संरक्षण की अहमियत समझ में आई। लोगों ने तुलसी व एलोवेरा के पौधे लगाने शुरू कर दिए। 

मानसून में 6 हजार पौधे लगाएगा डॉ. आंबेडकर विश्वविद्यालय
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डॉ बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय ने रविवार को धीरपुर नमभूमि साइट पर मानसून पौधरोपण अभियान की शुरुआत की। इसका उद्घाटन कुलपति प्रो. अनु सिंह लाठेर ने किया। इसके बाद कुलपति, कुलसचिव, डीन, संकाय, अधिकारियों और छात्रों द्वारा पौधरोपण किया गया। 

फैकल्टी स्टाफ और छात्रों द्वारा रुद्राक्ष, कदंब, महुआ, जामुन, बहेड़ा, कचनार, हरशृंगार, अमलतास और सीता अशोक के पौधे लगाए गए । इस नमभूमि में पक्षियों की 100 से अधिक और पेड़ों की 90 से अधिक प्रजातियों का दावा किया गया है। 

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