जेएनयू
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र परिसर में स्थित चंद्रभागा झील को संवारेंगे। इसके लिए छात्र एक योजना पर काम कर रहे हैं और जल्द ही योजना को अमलीजामा भी पहनाया जाएगा। यह झील 240 से अधिक पक्षियों व 80 से अधिक तितलियों की शरण का केंद्र है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जेएनयू के पर्यावरण विज्ञान संस्थान व एसएफडी के संयुक्त तत्वावधान में छात्रों ने जेएनयू की गंदी पड़ी चद्रभागा झील का निरीक्षण किया। पिछले कुछ समय से बुरे रखरखाव और लापरवाही के चलते यह झील अधिक गंदी हो गई है। झील की सतह जलकुंभी से ढक गई है, जिससे ऑक्सीजन का स्तर बहुत गिर गया है। इस कारण इसमें रहने वाली मछलियां मर गई हैं। इसके अलावा ऐसा भी अंदेशा है की कुछ छात्रावासों का सीवर जल भी इसमें प्रवाहित होता है। जेएनयू में अभी दो सीवर शोधित संयंत्र हैं, जो हॉस्टलों से निकलने वाले जल का द्वितीयक शोधन करते हैं।
एसएफडी के सह संयोजक स्वास्तिक ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर छात्रों ने झील का निरीक्षण शुरू किया ताकि इस विषय पर हम क्रमवार सही निर्णय ले सकें। शुरुआती तौर पर जलकुंभी हटाने का काम काम किया जाएगा।
आईपीयू में मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस
विश्व पर्यावरण दिवस पर रविवार को गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके तहत यहां प्लास्टिक से बने बेकार सामान को हटाया गया। वहीं, पौधे से बने ऐसे खाद्य सामान की प्रदर्शनी लगाई गई जिनका नॉन- वेज जैसा स्वाद था। अडैप्ट टू ग्रीन थीम पर एक लघु वृत्तचित्र भी दिखाया गया। साथ ही परिसर में बड़ी संख्या में औषधीय पौधे भी लगाए गए।
कार्यक्रम के दौरान डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया कार्यक्रम के प्रमुख डॉक्टर सजल वोहरा, वर्ल्ड ऐनिमल प्रटेक्शन इंडिया के देश निदेशक गजेंद्र कुमार शर्मा, डब्ल्यूएपी की ओर से निधि मोहन कमल, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ इनवायरमेंट मैनेजमेंट की डीन प्रो. रीटा सिंह व प्रो. पी. भट्टाचार्य भी मौजूद थे। यूनिवर्सिटी के कुलसचिव शैलेंद्र सिंह परिहार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को आज की भागमभाग की जिंदगी में ध्यान से बाहर न होने दें। इसे अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। प्रतिदिन किए गए छोटे- छोटे प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में हमें पर्यावरण संरक्षण की अहमियत समझ में आई। लोगों ने तुलसी व एलोवेरा के पौधे लगाने शुरू कर दिए।
मानसून में 6 हजार पौधे लगाएगा डॉ. आंबेडकर विश्वविद्यालय
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डॉ बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय ने रविवार को धीरपुर नमभूमि साइट पर मानसून पौधरोपण अभियान की शुरुआत की। इसका उद्घाटन कुलपति प्रो. अनु सिंह लाठेर ने किया। इसके बाद कुलपति, कुलसचिव, डीन, संकाय, अधिकारियों और छात्रों द्वारा पौधरोपण किया गया।
फैकल्टी स्टाफ और छात्रों द्वारा रुद्राक्ष, कदंब, महुआ, जामुन, बहेड़ा, कचनार, हरशृंगार, अमलतास और सीता अशोक के पौधे लगाए गए । इस नमभूमि में पक्षियों की 100 से अधिक और पेड़ों की 90 से अधिक प्रजातियों का दावा किया गया है।