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जहांगीरपुरी में बुलडोजर : दिनभर चले सियासी तीर, आप ने कहा- भाजपा मुख्यालय पर भी चले बुलडोजर

Thu, 21 Apr 2022 05:41 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
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जहांगीरपुरी में बुलडोजर कार्रवाई - फोटो : Agency
जहांगीरपुरी इलाके में दिल्ली पुलिस और निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान पर आप नेताओं ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया  कि भाजपा अपने लोगों को भेजकर दंगे करवा रही है। पूरे देश में इस पार्टी ने अराजकता फैला रखी है। उन्होंने कहा कि देश में गुंडा राज बंद करना है तो सबसे पहले भाजपा मुख्यालय पर भी बुलडोजर चलना चाहिए। सिसोदिया ने भाजपा नेताओं को अपराधी तक कहा।

 बुधवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सिसोदिया ने कहा कि भाजपा के पास भावी पीढ़ी को शिक्षित करने या फिर रोजगार देने का काम नहीं बचा। बीते आठ साल से सत्ता में होने के बावजूद भाजपा ने स्कूल और अस्पतालों के लिए कोई काम नहीं किया। सिर्फ मारपीट, हिंसा, दंगा, महिलाओं के साथ छेड़खानी करवाने और लोगों को ट्रैक्टर-बसों से कुचलवाने का काम किया है।

सिसोदिया ने आरोप लगाया कि भाजपा पहले रोहिंग्या को बसाते हैं और फिर पटकथा के अनुसार लोगों को लड़वाते हैं। 15 साल से निगम में भाजपा का शासन है। इसके बाद भी अतिक्रमण को लेकर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अवैध निर्माण है तो निगम को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन साथ में भाजपा के उन नेताओं के घर भी तोड़े जाने चाहिए जिन्होंने भ्रष्टाचार के जरिये अवैध निर्माण कराए।
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राघव चड्ढा। - फोटो : ANI
देश में भाजपा करवा रही दंगे : चड्ढा
आप सांसद राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि देश में जगह-जगह दंगे भाजपा करवा रही है। उन्होंने दावा किया कि साल 2020 में दिल्ली हिंसा के पीछे भाजपा शामिल थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह खुद दंगे करवा रहे हैं। उनके घर पर भी बुलडोजर चलना चाहिए।

निगम की आड़ में गुंडागर्दी कर रही भाजपा : आतिशी
विधायक आतिशी ने कहा कि नगर निगम की आड़ लेकर भाजपा गुंडागर्दी कर रही है। निगम कह रहा है कि बुलडोजर चलाने और अतिक्रमण हटाने से दंगे रुक जाएंगे लेकिन वास्तविक है कि ये दंगे खुद भाजपा करवा रही है। सिर्फ दिल्ली में ही नहीं देश भर में हर तरह की हिंसा की घटनाएं इसी पार्टी की देन हैं।

पहले दिन से सवाल खड़े कर रही आप : संजय
राज्यसभा सदस्य संजय सिंह का कहना है कि उनकी पार्टी पहले दिन से ही सवाल खड़े कर रही है। दिल्ली की सुरक्षा जिसके हाथ में है, वो दंगा करा रहे हैं। अंसार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वो भाजपा का कार्यकर्ता है। भाजपा के लिए प्रचार करता रहा है। सोशल मीडिया पर उसकी      फोटो और वीडियो भी हैं।
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जहांगीरपुरी में चला बुलडोजर - फोटो : अमर उजाला
15 साल से निगम में भाजपा, कैसे हुआ अतिक्रमण: भारद्वाज
आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बीते 15 साल से नगर निगम में भाजपा काबिज है। पार्टी को यह बताना चाहिए कि उसके कार्यकाल में अतिक्रमण कैसे हुआ? इसके अलावा आठ साल से केंद्र में भाजपा की सरकार है और इस दौरान इन्होंने ही देश के अलग अलग हिस्सों में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को बसाया। कोई राज्य सरकार इनको नहीं बसा सकती है। भाजपा यह बताए कि उसने इन्हें कहां-कहां     बसाया? दंगे कराने के लिए ही इन लोगों को भाजपा ने अलग-अलग जगहों पर बसाया है।

रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के अतिक्रमण पर चला बुलडोजर
दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने अतिक्रमण करने वाले को रोहिंग्या और बांग्लादेशी बताया। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया गया है। इसके लिए उन्होंने नगर निगम और दिल्ली पुलिस का आभार तक व्यक्त किया।
आदेश गुप्ता ने कहा कि इस साल सातवीं बार निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की है। श्रीराम पर सवाल उठाने वाले सब एकजुट हो गए हैं। ये सभी मिलकर दंगाइयों का   बचाव कर रहे हैं।

उन्होंने विपक्षी दलों के आरोपों पर कहा कि जहांगीरपुरी में बीते 11 अप्रैल को भी अतिक्रमण हटाया गया था। निगम की ओर से हमेशा से ही अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई होती रही है। गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी पूरी तरह से बौखला गई है क्योंकि जहांगीरपुरी में इसके निगम पार्षद और विधायकों के संरक्षण में रोहिंग्या-बांग्लादेशी रह रहे थे जो अब बेनकाब हो चुके हैं।

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह। - फोटो : अमर उजाला
गृहमंत्री से मिले भाजपा नेता
अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के बाद दिल्ली प्रदेश के भाजपा नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बुधवार सुबह नार्थ ब्लॉक में करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता, सांसद रमेश बिधूड़ी, विधायक राम बीर बिधूड़ी और नेता मनजिंदर सिंह सिरसा मौजूद थे। बाहर आने के बाद नेताओं ने बातचीत पर कुछ भी खुलासा नहीं किया। हालांकि, इस दौरान सिरसा ने कहा कि यह एक नियमित बैठक थी।

अतिक्रमण विरोधी अभियान से राहत देने से हाईकोर्ट का इनकार
उच्च न्यायालय बुधवार को हिंसा प्रभावित जहांगीरपुरी में अतिक्रमण विरोधी अभियान को रोकने के लिए तुरंत राहत प्रदान करने से इनकार कर दिया। फिलहाल अदालत ने अभियान के खिलाफ मुद्दे पर सुनवाई पर सहमति जताते हुए कहा कि अधिकारियों को उचित निर्देश के साथ जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी के समक्ष दोपहर को याची वकील ने अदालत को बताया कि इलाके में हिंसा के बाद काफी लोग घर से बाहर हैं और कई पुलिस हिरासत में है। उनकी अनुपस्थिति में एमसीडी ने अतिक्रमण विरोधी अभियान शुुरू कर दिया है। ऐसे में तुरंत प्रभाव से कार्रवाई को रोकने का आदेश दिया जाए। वहीं, केंद्र की और से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने पीठ को बताया  कि सुप्रीम कोर्ट पहले से ही इस मुद्दे पर विचार कर रहा है।

पीठ ने सभी तथ्यों को देखने के बाद कहा कि वे तत्काल अतिक्रमण विरोधी अभियान पहले से ही तय था और कुछ भी नया नहीं है। वे अभियान को रोकने के लिए कोई आदेश नहीं दे रहे लेकिन संबंधित अधिकारियों को उचित निर्देश लेकर जवाब दाखिल करने के लिए तैयार रहना चाहिए। 
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जहांगीरपुरी में ओवैसी - फोटो : Social Media
ओवैसी को पुलिस ने रोका
जहांगीरपुरी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नेे राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। उत्तरी निगम की कार्रवाई के विरोध में यहां बुधवार शाम एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने उनको बीच में ही रोक लिया। इस कारण वह पीड़ितों से नहीं मिल सके। इस मौके पर ओवेसी ने सवाल किया कि बिना अनुमति शोभा यात्रा क्यों निकाली गई। 

जहांगीरपुरी में एमसीडी की कार्रवाई के विरोध में आइसा का प्रदर्शन
जहांगीरपुरी में बुधवार को एमसीडी की ओर से की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में छात्र संगठन आइसा ने डीयू की आर्ट्स फैकल्टी के बाहर प्रदर्शन किया। इससे पहले आइसा की टीम ने जहांगीरपुरी का दौरा किया। इस दौरान आइसा सदस्यों ने केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का भी विरोध जताया।
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जहांगीरपुरी - फोटो : अमर उजाला
जहांगीरपुरी में रोज बदल रहे हालात
उत्तर पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुई हिंसा के पांच दिन बाद हालात हर दिन बदल रहे हैं। मंगलवार को हालात सामान्य होने की तरफ बढ़ने के बाद बुधवार को अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई से माहौल बदलता दिखा। पुलिस ने इसे काबू करते हुए लोगों को उनके घरों को भेज दिया। कुछ गलियों के गेट बंद दिए गए तो लोगों ने बाहर निकलने के लिए दूसरे रास्तों की तरफ रुख किया। बदलते हालात के कारण एहतियातन धार्मिक स्थलों के इर्द गिर्द की दुकानें भी बंद रहीं।

दुकानें बंद होने से स्थानीय लोगों को भी परेशानी हो रही है। शांति बहाल करने के लिए सुरक्षा कर्मी लगातार डटे हुए हैं तो स्थानीय लोग भी जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बीच बीच में कई बार समूहों में लोग बाहर निकलकर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए उग्र होने लगे तो उन्हें शांत किया गया।
 
हालांकि सभी घरों की छत और खिड़कियों से बाहर की गतिविधियों को लोग झांकते नजर आए। अधिकतर लोगों के चेहरे पर मायूसी और बेचैनी दिखी। पिछले 40 वर्षों में जहांगीरपुरी में पहली ऐसी घटना होने की वजह से लोगों को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि आखिरकार ऐसे हालात क्यों पैदा हुए।

दुकानदारों को इस बात की चिंता सता रही है कि अगर हालात जल्द ठीक नहीं हुए तो उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती   हैं। एक कारोबारी सुलेमान ने  बताया कि दो साल से कोरोना के कारण काम धंधा बंद रहा। अब इस घटना के बाद कबाड़ से अपना परिवार चलाने वालों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। रोजाना कमाई करने वालों को पांच दिन काम न रहे तो परेशानियों का सामना करना पड़ता है।  
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जहांगीरपुरी में चला बुलडोजर - फोटो : अमर उजाला
स्क्रैप कारोबार को भी लगा झटका
जहांगीरपुरी में हुई हिंसा से स्क्रैप कारोबार को भी झटका लगा है। इस पूरे इलाके की हर गली और सड़क पर कबाड़ के ढेर से ही जहांगीरपुरी की पहचान  हो जाती है। स्क्रैप के ढेर के बीच अतिक्रमण के खिलाफ की गई  कार्रवाई से हर तरफ दुकानदारों के लिए मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आईं।

स्क्रैप कारोबारी इमरान ने बताया कि इस घटना के बाद अब उनका काम मंदा हो गया है। लोग अब इस क्षेत्र के नाम से भी कतराने लगे हैं। उनका कहना है कि मोबाइल सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक स्पेयर पार्ट्स बेचकर रोजाना 500 से 700 रुपये की कमाई होती थी। मगर इस घटना के बाद यह खत्म हो गई है। हालात कब ठीक होंगे इसका फिलहाल कोई पता नहीं। अब जहांगीरपुरी के नाम से भी लोग कतराने लगे हैं।

मंदिर के एक हिस्से को समिति ने खुद हटाया
जहांगीरपुरी में कुशल रोड पर मंदिर के सामने नाला कवर करके बना रखे हिस्से को मंदिर समिति ने बुधवार शाम खुद हटा दिया। दरअसल उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने भी यहां अतिक्रमण हटाने के दौरान मंदिर के इस हिस्से को हटाने की तैयारी की थी, लेकिन स्थानीय लोगों और वामपंथी नेता वृंदा करात के विरोध के कारण नगर निगम इस हिस्से को तोड़ नहीं सका था।

मंदिर की समिति की ओर से अतिक्रमण हटाने के दौरान भाजपा के कई नेता भी मौजूद थे। भाजपा के पार्षद सुरेंद्र खर्ब और उत्तर पश्चिम जिला के अध्यक्ष देवेंद्र सोलंकी ने अपनी देखरेख में मंदिर का अतिक्रमण हटवाने का कार्य किया। उधर मस्जिद के सामने तोड़फोड़ होने और मंदिर का हिस्सा नहीं तोड़ने पर इलाके में काफी तनाव की स्थिति बनी हुई थी। 

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जहांगीरपुरी में चला बुलडोजर - फोटो : भूपिंदर सिंह
आरोपी पश्चिम बंगाल के हैं या बांग्लादेशी, जांच जारी
 जहांगीरपुरी हिंसा के आरोपी कहां के रहने वाले हैं,  यह दिल्ली पुलिस व सरकार के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।  पुलिस यह पता कर रही है कि जहांगीरपुरी हादसे के आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं या बांग्लादेश के हैं। इसके लिए दिल्ली पुलिस आरोपियों का रिकार्ड खंगाल रही है।

दूसरी तरफ जहांगीरपुरी हिंसा के समय सभी आरोपी हिंसा वाली जगह पर ही मौजूद थे। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा हिंसा के अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ दबिश भी दे रही है।

जहांगीरपुर हिंसा के अब तक 25 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें दो नाबालिग भी हैं। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि हिंसा में पकड़े गए करीब 20 आरोपियों ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल के नादिया व आसपास के रहने वाले  हैं जबकि  पुलिस को जांच में पता चला कि आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले नहीं हैं, बल्कि भारत में अवैध रूप से आए बांग्लादेशी हैं।

हालांकि सभी के आधार कार्ड व वोटर कार्ड बने हुए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक इंस्पेक्टर के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस की टीम जांच के लिए पश्चिम बंगाल पहुंच चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों का पूरा रिकार्ड खंगाला जाएगा। देखना यह है कि आरोपियों के रिकार्ड खंगालने में वहां की पुलिस और सरकार कितना सहयोग करती है।

सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की फॉरेंसिक जांच कराएगी पुलिस
दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की मोबाइल लोकेशन निकलवाई थीं। इन सभी की लोकेशन हिंसा वाली जगह सी-ब्लाक जहांगीरपुरी में आ रही है। मोबाइल लोकेशन के साथ-साथ उनके मोबाइल के टॉवर की लोकेशन भी हिंसा वाली जगह पर  है। आरोपियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस इन्हें बड़े सबूत के तौर पर पेश करेगी।

इसके अलावा मौके पर पीडब्ल्यूडी के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल लिया है। इन कैमरों से पता लगाया जा रहा है कि आरोपी मौके पर ही थे। दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया पर चल रही वीडियो व सीसीटीवी कैमरों की फुटेज फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है।
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वायु प्रदूषण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
खस्ताहाल सड़कों से टूटा प्रदूषण का रिकाॅर्ड
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी का कहना है कि दिल्ली में सड़कों की स्थिति काफी खराब है। खस्ता सड़कों की वजह से प्रदूषण के सारे रिकार्ड टूट रहे हैं। दिल्ली में फिर से प्रदूषण 400 अंक पार चला गया है।

 उन्होंने कहा कि इस समय न तो पराली है और न ही आतिशबाजी का धुआं है। दिल्ली सरकार को बताना चाहिए कि आखिर क्यों प्रदूषण बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण का मुख्य कारण सड़कों की धूल है और सड़कों की मरम्मत न होने के लिए दिल्ली सरकार जिम्मेदार है। इसके अलावा बीते आठ साल में डीटीसी के बेड़े में सिर्फ दो बसें आई हैं। डीटीसी की करीब 3700 बसें अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं। इनकी वजह से भी प्रदूषण फैल रहा है। 
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