दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत भरभराकर ढह गई। हॉस्टल डेज नाम की इस इमारत में छात्रों का पीजी हॉस्टल संचालित हो रहा था। बताया जा रहा है कि छात्रों ने बेसमेंट की खोदाई से पहले ही मालिक को चेताया था, लेकिन न पीजी खाली कराया गया और न ही सुरक्षा के इंतजाम किए गए।
विज्ञापन
1 of 14
delhi building collapse
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी की इमारत गिरने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। छात्रों के लिए मौत का घर बनी पांच मंजिला इमारत के बेसमेंट में पिछले तीन दिनों से निर्माण कार्य चल रहा था। लगातार बारिश के बीच जर्जर इमारत को खाली कराए बिना बेसमेंट में भराव और मरम्मत का काम कराया जा रहा था। न निर्माण के दौरान सुरक्षा के इंतजाम किए गए और न ही भवन की संरचनात्मक मजबूती की जांच कराई गई। आखिरकार कमजोर इमारत निर्माण का दबाव नहीं झेल सकी और भरभराकर ढह गई।
विज्ञापन
2 of 14
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे से पहले छात्रों ने भी बेसमेंट में चल रहे काम पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि लगातार बारिश हो रही है, ऐसे में बेसमेंट की मरम्मत और भराव का काम मौसम साफ होने के बाद कराया जाना चाहिए।
विज्ञापन
3 of 14
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी
- फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि संचालक ने चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। बताया जा रहा है कि बेसमेंट में भराव पूरा होने के बाद वहां दुकान खोलने की योजना थी। सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब इमारत पहले से जर्जर थी तो उसे खाली कराए बिना उसके बेसमेंट में निर्माण क्यों शुरू कराया गया?
4 of 14
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी
- फोटो : अमर उजाला
बेसमेंट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले भवन की संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन भी नहीं कराया गया। बारिश के दौरान बेसमेंट में निर्माण ने पहले से कमजोर ढांचे पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया।
विज्ञापन
5 of 14
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी
- फोटो : अमर उजाला
रिफ्यूजी कैंप बना तो 90 गज में मकान बने...अब 90 गज में पांच-छह मंजिला इमारतें
स्थानीय निवासियों के अनुसार सत्य निकेतन में मूल रूप से छोटे-छोटे मकान थे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय यहां रिफ्यूजी कैंप बसाया गया था और करीब 90 गज में मकान बनाए गए थे। मैत्रेयी कॉलेज की स्थापना और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के इस क्षेत्र में स्थानांतरित होने के बाद इलाके का तेजी से विस्तार हुआ। पुराने रिहायशी मकानों में पीजी और हॉस्टल खुलने लगे।
विज्ञापन
6 of 14
दिल्ली में इमारत गिरी, मलबे में दबने से क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : अमर उजाला
इसके साथ कैफे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ीं। अब 90 गज जैसे छोटे भूखंडों पर भी पांच से छह मंजिला इमारतें खड़ी दिखाई देती हैं।
विज्ञापन
7 of 14
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी
- फोटो : अमर उजाला
हॉस्टल से हॉस्पिटल तक दर्द
नई दिल्ली के सत्य निकेतन में जर्जर इमारत के भरभराकर गिरने की खबर रविवार को कई घरों में जैसे ठहराव ले आई। कुछ देर पहले तक जिन घरों में रोजमर्रा की बातें हो रही थीं, वहां अचानक मोबाइल फोन की घंटियां और बेचैनी रह गई। किसी को फोन पर हादसे की खबर मिली तो किसी पड़ोसी ने बताया कि सत्य निकेतन में इमारत गिर गई है।
8 of 14
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद परिजनों का एक ही ठिकाना था-एम्स ट्रॉमा सेंटर। ट्रॉमा सेंटर पहुंचने वाले हर शख्स के पास अपने-अपने सवाल थे, लेकिन जवाब किसी के पास नहीं था।
9 of 14
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी
- फोटो : अमर उजाला
किसी के पास घायल दोस्त का नाम था, किसी के पास मोबाइल नंबर और किसी को सिर्फ इतना मालूम था कि उसका अपना सत्य निकेतन में था। अस्पताल के गेट पर खड़े लोग कर्मचारियों से बार-बार जानकारी लेने की कोशिश करते रहे।
10 of 14
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी
- फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया से खबर मिली तो अस्पताल दौड़े दोस्त
हादसे की खबर सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैली। कई दोस्त और परिचित पोस्ट और फोन के जरिये जानकारी मिलने के बाद अस्पताल पहुंच गए। रात बढ़ने के साथ भीड़ जरूर कम हुई, लेकिन जिनके अपने अंदर थे, वे वहीं डटे रहे। कुछ लोग चुपचाप बैठे रहे, कुछ लगातार फोन मिलाते रहे और कुछ हर आने-जाने वाले से घायलों के बारे में पूछते रहे। ट्रॉमा सेंटर के बाहर सिर्फ भीड़ नहीं थी।
11 of 14
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी
- फोटो : अमर उजाला
इमरजेंसी गेट पर छात्र संगठन और पुलिस में धक्का-मुक्की
इसी दौरान ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी एंट्री पर छात्र संगठन के सदस्यों और पुलिस व सुरक्षा गार्डों के बीच तनाव हो गया। संगठन के सदस्य अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों के रोकने पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख एंट्री गेट बंद कर दिया गया। बाद में पुलिस ने तीन लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी।
12 of 14
दिल्ली में इमारत गिरी, मलबे में दबने से क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में पीजी की इमारत गिरी
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत भरभराकर ढह गई। हॉस्टल डेज नाम की इस इमारत में छात्रों का पीजी हॉस्टल संचालित हो रहा था। घटना में सात लोगों की मौत हो गई जबकि मलबे में 30 से 40 छात्रों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
13 of 14
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के मुताबिक, हादसा दोपहर 1:33 बजे हुआ। रविवार होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र अपने कमरों में थे। दमकल विभाग की 8 गाड़ियों समेत कई बचाव दल मौके पर पहुंचे। हालांकि इससे पहले स्थानीय लोग और पास की इमारतों के छात्रों ने मलबा हटाना शुरू कर दिया था।
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की दो टीम और डॉग स्क्वाड भी मौके पर है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त इमारत के बेसमेंट में मजदूर खोदाई का कार्य कर रहे थे। यह इलाका दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के नजदीक है। बड़ी संख्या में छात्र यहां रहते हैं।