चैत्र नवरात्रि व्रत 13 अप्रैल यानि आज से शुरू हो गए हैं, जो 22 अप्रैल को समाप्त होंगे। नवरात्रि पर देवी पूजन और नौ दिन के व्रत का बहुत महत्व है। लेकिन पिछली बार की तरह इस बार भी नवरात्र कोरोना की भेंट चढ़ गया।
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झंडेवालन मंदिर में आरती करते पुजारी।
- फोटो : ट्विटर ANI
चैत्र नवरात्रि व्रत 13 अप्रैल यानि आज से शुरू हो गए हैं, जो 22 अप्रैल को समाप्त होंगे। नवरात्रि पर देवी पूजन और नौ दिन के व्रत का बहुत महत्व है। लेकिन पिछली बार की तरह इस बार भी नवरात्र कोरोना की भेंट चढ़ गया। दिल्ली में नवरात्रि के दौरान कई मंदिरों को कोरोना के चलते बंद कर दिया गया है। जिसके चलते मंदिरों में भक्तों की रौनक नहीं दिखाई दी। जहां पहले भक्त माता के दर पर माथा टेकने आते थे, वहां पूरी तरह से सन्नाटा पसरा दिखाई दिया।
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झंडेवालन मंदिर में आरती करते पुजारी।
- फोटो : ट्विटर ANI
नवरात्रि के पहले दिन मंगलवार सुबह झंडेवालन मंदिर में आरती हुई, इस दौरान पुजारी और उनके परिवार के सदस्य ही उपस्थित रहे। मंदिर में आम भक्तों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। दिल्ली में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। इस बात को ध्यान में रखते हुए झंडेवालान मंदिर प्रशासन ने सोमवार शाम से मंदिर को बंद करने का निर्णय लिया है।
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झंडेवालन मंदिर।
- फोटो : ट्विटर ANI
दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग कोरोना गाइडलाइंस को न मानने की लापरवाही कर रहे हैं। नवरात्र में झंडेवालान मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम लगता है। मंदिर प्रशासन को आशंका थी कि अगर लोगों ने यहां कोरोना नियमों का उल्लंघन किया तो स्थिति को संभालना आसान नहीं होगा। मंदिर प्रशासन ने बताया है कि अगले आदेश तक श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार बंद रहेंगे। इस दौरान सुबह-शाम नियमित रूप से मंदिर में देवी मां की आरती होगी।
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झंडेवालान मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु
- फोटो : ANI
जिसका इंटरनेट के जरिए फेसबुक और यूट्यूब पर लाइव प्रसारण किया जाएगा। इंडेवालान देवी माता मंदिर के आधिकारिक फेसबुक, यूट्यूब अकाउंट पर जाकर लाइव आरती में शामिल हुआ जा सकता है और बाद में भी आरतो को देखा जा सकता है। अचानक मंदिर बंद करने के इस फैसले के बाद मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से क्षमा प्रार्थना किया है। साथ ही देवी मां से प्रार्थना की है कि वह दिल्ली और देश वासियों को सुरक्षा प्रदान करें।
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कालका जी मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु
- फोटो : ANI
वहीं, नवरात्र के दौरान मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों को नियंत्रित करने के लिए कालकाजी मंदिर प्रशासन ने ई-पास की सुविधा उपलब्ध कराई है। श्री कालकाजी मंदिर के पीठाधीश्वर महंत सुरेन्द्र नाथ अवधूत के मार्गदर्शन में कुछ समाजसेवी संस्थाएं ऐसा करने में मंदिर प्रशासन का सहयोग करेंगी। कोरोना महामारी के दौरान बीते शारदीय नवरात्र में कालकाजी मंदिर में जिस तरह से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी, उसको ध्यान में रखते हुए इस बार नवरात्र में पहले से ही मंदिर प्रशासन ने सतर्कता बरतने का प्रयास किया है।
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कालका मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर जाकर दर्शन करने के लिए लोगों को अनिवार्य रूप से ई-पास बुक करना पड़ेगा। महंत सुरेन्द्र नाथ अवधूत ने बताया कि कोरोना के खतरे को ध्यान में रखते हुए सीमित संख्या में लोगों को मंदिर में भेजकर दर्शन कराने का निर्णय लिया गया है। करीब दो घंटे में 200 लोगों को दर्शन कराया जाएगा। बता दें कि दिल्ली में कोरोना के मामले रोजाना नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। लेकिन दिल्ली का आम जन मानस कोरोना के खतरे से गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है।
नवरात्रि पर मंदिर में लगी भक्तों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
वहीं दूसरी तरफ फरीदाबाद में तिकोना पार्क स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर में पहली नवरात्रि के अवसर पर मां के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। माता के दरवार में भारी संख्या में भक्त माथ टेकने पहुंचे हैं।