जम्मू निवासी हरमीत सिंह ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि हरप्रीत ने उसे त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या करने के लिए उकसाया था। उसके त्रिलोचन वजीर से मतभेद थे, जिनका हरप्रीत ने फायदा उठाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हरमीत ने पूछताछ में बताया है कि तीन सितंबर को दिन में हरप्रीत होटल के कमरे में आया और उससे कहा कि वजीर उसके बेटे को खत्म करने की साजिश रच रहा है। शाम को फिर से हरप्रीत होटल के कमरे में आया, उसे बार-बार इस बात के लिए उकसाया कि उसके पूरे परिवार को टीएस वजीर खत्म कर देगा। वह वजीर को मार देगा तो उसका परिवार बच जाएगा। अभी मौका है नहीं तो टीएस वजीर कनाडा चला जाएगा। हरप्रीत उसे उकसाता रहा। हरप्रीत उसे अपने फ्लैट में ले गया और उसे छिपा दिया। यहां पर हरमीत ने टीएस वजीर को सोते हुए गोली मार दी। गोली मारने के बाद वह फ्लैट से चला गया।
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त्रिलोचन सिंह वजीर(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
बदबू आने के बावजूद शव के साथ कई दिन रहे थे आरोपी
त्रिलोचन सिंह के शव से बदबू आने के बावजूद आरोपी कई दिन तक उसके साथ रहे। आरोपियों ने हत्या वाले दिन पार्टी की थी। उठा नहीं पाने के कारण वे शव को ठिकाने नहीं लगा पाए। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्य आरोपी हरमीत ने तीन सितंबर को रात 7 से 8 बजे के बीच त्रिलोचन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय घर में हरप्रीत, बलवीर सिंह उर्फ बिल्ला और राजेंद्र चौधरी उर्फ राजू थे।
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Trilochan Singh murder case
- फोटो : अमर उजाला
राजू और बिल्ला 4 सितंबर की सुबह बस से अपने घर जम्मू चले गए थे। 5 सितंबर को त्रिलोचन सिंह के शव से बदबू आने लगी तो आरोपियों ने घर में धूपबत्ती व अगरबत्ती जलाना शुरू कर दिया। इन्होंने शव को चादर में लपेटकर बाथरूम में डाल दिया। बदबू रोकने के लिए एसी चला दिया। हरप्रीत 5 सितंबर को जम्मू चला गया। हरमीत शव के साथ रहा। हरप्रीत 7 सितंबर को वापस दिल्ली आ गया तो हरमीत जम्मू चला गया। हरमीत 8 सितंबर को वापस दिल्ली लौटा।
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त्रिलोचन सिंह हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हरप्रीत त्रिलोचन सिंह का मोबाइल लेकर घूम रहा था। त्रिलोचन के परिजनों ने इस पर फोन किया और किसी अन्य के रिसीव करने पर उन्हें तलाशने के लिए दिल्ली आने की बात कही। इस पर हरप्रीत ने परिजनों से कह दिया कि अब दिल्ली आकर क्या करोगे। हरमीत ने त्रिलोचन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी है। परिजनों ने 9 सितंबर को इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि हरप्रीत भी जम्मू में ही है। उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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त्रिलोचन सिंह हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
हरमीत और हरप्रीत से नहीं उठा था शव
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी त्रिलोचन सिंह के शव को ठिकाने लगाना चाहते थे, लेकिन वे उसे उठा ही नहीं पाए। बलविंदर और राजू हत्या के अगले दिन ही जम्मू चले गए थे। हरमीत व हरप्रीत से त्रिलोचन सिंह का शव उठा नहीं था। हरप्रीत की उम्र ज्यादा है। ये दोनों त्रिलोचन का शव नहीं उठा सके। इस कारण शव घर में ही पड़ा रहा।
हरप्रीत ने सुसाइड नोट जबरदस्ती लिखवाया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हरमीत ने बताया कि नौ सितंबर को वह और हरप्रीत गुरुद्वारा फतेहगर पहुंचे। यहां पर हरप्रीत ने उसे तीन पेज का सुसाइड नोट लिखने के लिए मजबूर किया। उसने सुसाइड नोट पर हस्ताक्षर किए और अंगूठा भी लगवाया। दस सितंबर को वह जम्मू बस स्टैंड पहुंचे। उस वक्त हरप्रीत ने फेसबुक पर सुसाइड नोट पोस्ट कर दिया था।