दिल्ली पुलिस की उत्तरी-बाहरी जिला पुलिस ने सूचना के बाद कुंटू गिरोह के शार्प शूटर गिरधारी उर्फ कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर उर्फ लौहार (40) को केएनू काटजू मार्गे स्थित एम-3 मॉल से दबोच तो लिया था मगर दिल्ली पुलिस करीब तीन घंटे तक उसकी पहचान नहीं कर पाई थी। पुलिस को खुद पता नहीं था कि उसने यूपी के मोस्ट वॉटेड बदमाश को दबोचा लिया है।
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मर्डर
- फोटो : amar ujala
जिले के स्पेशल स्टाफ प्रभारी रामस्वरूप मीणा की टीम ने जब कन्हैया को गिरफ्तार किया तो उस समय उसके पास न तो मोबाइल था और न ही किसी तरह का पहचान पत्र था। जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब तीन घंटे पूछताछ करने के बाद पुलिस को कुछ हाथ नहीं लगा। पुलिस ने सख्ताई से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह लखनऊ में शराब व्यवसायी अजीत हत्याकांड का मुख्य आरोपी है।
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शूटर गिरधारी दिल्ली में गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
आठ जनवरी को दिल्ली आ गया था
आरोपी कन्हैया ने बताया कि वह छह जनवरी को ही लखनऊ से बस से दिल्ली आ गया था। दिल्ली वह नोएडा चला गया। वहां एक दिन रहा। इसके बाद ये आठ जनवरी को आईएसाबीटी, कश्मीरी गेट आ गया। यहां डंपर ये एक रात रहा। फिर रेन बसेरे में रहा। इसके बाद ये बाहरी दिल्ली चला गया। यहां ये किराए पर कमरा लेना चहाता था। मगर इसे कोई कमरा दिलाने वाला नहीं मिल रहा था।
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Ajit murder case
- फोटो : अमर उजाला
गमच्छा, मास्क व टोपी पहनकर लखनऊ से निकला
कन्हैया लखनऊ के लिए कोई नया चेहरा नहीं है। ऐसे में ये गमच्छा बांध, मास्क लगाकर व टोपी पहनकर लखनऊ से दिल्ली के लिए निकला था। ये बस से लखनऊ से दिल्ली आया था। आरोपी ने पकड़े जाने के डर से मोबाइल व अपना कोई परिचय पत्र अपने साथ नहीं रखा था। आरोपी की यूपी में कई शराब की दुकान हैं।
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दिल्ली में शार्प शूटर गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
यूपी पुलिस दिल्ली नहीं पहुंची
उत्तरी-बाहरी जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कन्हैया विश्वकर्मा की गिरफ्तारी को लेकर यूपी में लखनऊ व वाराणसी पुलिस को सोमवार रात को ही सूचना दे दी गई थी, मगर यूपी पुलिस मंगलवार शाम तक दिल्ली नहीं पहुंची थी। दिल्ली पुलिस ने कन्हैया विश्वकर्मा को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
यूपी पुलिस को गुमराह करने के लिए लगाई थी अर्जी
कन्हैया विश्वकर्मा ने लखनऊ कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी लगाई थी। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यूपी पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी लगाई थी। आरोपी खुद दिल्ली आ गया था।