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सात साल से लगातार इस मंदिर में आ रहे थे योगी आदित्यनाथ, जहां सबसे पहले हुई थी CM बनाने की मांग

Mon, 20 Mar 2017 10:37 AM IST
रश्मि ओझा/अमर उजाला, गाजियाबाद
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हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक और गोरखनाथ मंदिर के महंत आदित्यनाथ के यूपी के मुख्यमंत्री बनने पर संत समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है। संत समाज ने इसे संपूर्ण समाज के आत्मविश्वास की जीत बताया है।
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योगी आदित्यनाथ
दूधेश्वर मंदिर के प्रमुख महंत नारायण गिरी ने बताया कि 2014 के संत सम्मेलन से लेकर 2016 तक हर बार में इसी मंदिर परिसर से महंत को मुख्यमंत्री बनने की मांग उठी थी। 
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योगी आदित्यनाथ
इसके लिए गृहमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक से संत समाज अपनी मांग रखता आया है, अब जब महंत यूपी के सरकार हो गए हैं, तो इसे भारत में विश्वगुरू बनने की आहट माना जाना चाहिए।

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योगी आदित्यनाथ
गाजियाबाद के दूधेश्वरनाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व है। इसलिए पिछले सात वर्षों से योगी हर साल दूधेश्वरनाथ मंदिर में आयोजित होने वाले संत सम्मेलन में शिरकत करते हैं। क्योंकि दूधेश्वर मंदिर का भारत के प्रमुख मठों में महत्वपूर्ण स्थान है।
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योगी आदित्यनाथ
इसलिए योगी आदित्यनाथ से पहले उनके गुरु अवैधनाथ जी दशकों से यहॉ आते रहे हैं। राममंदिर आंदोलन में भी अवैधनाथ ने कई मर्तबा यहां संत सम्मेलन कर हुंकार भरी थी।
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योगी आदित्यनाथ
अब योगी की ताजपोशी से मंदिर के महंत नारायण गिरी भी उत्साहित हैं। गिरी को लगता है कि चालीस साल से राम मंदिर की जो लड़ाई संत समाज ने लड़ी थी। उस पर अब बस विराम लग जाए और वो अपने जीते जी रामलला को टाट से ठाठ तक पहुंचा सके।
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आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
दूधेश्वरनाथ मंदिर के महंत और संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणी महाराज ने आदित्यनाथ के सीएम बनने पर बधाई दी और अपनी खुशी जाहिर की है।
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आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
महंत नारायण गिरि का कहना है कि महंत आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से साधु समाज का आत्मविश्वास बढ़ा है, जो लोग 40 से भी अधिक वर्षों से काम कर रहे थे उनका विश्वास आज साकार हुआ है इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बधाई के पात्र हैं।
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