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इतिहास के काले पन्नों में दर्ज हो गईं 2015 की ये 5 घटनाएं

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हम इतिहास पढ़ते हैं ताकि उससे सबक ले सकें और भविष्य में उन गलतियों को दोहराने से बच सकें। साल 2015 भी हमें कुछ ऐसे घाव दे गया जो भारत के इतिहास के काले पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गए हैं। इन घटनाओं से हम कितना सबक लेते हैं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। साल 2015 के अंतिम दिनों में एक बार फिर से इन घटनाओं को आपके सामने पेश कर रहे हैं ताकि नए साल की खुशी में आप उनके दर्द को भी साक्षा कर सकें जिससे इस साल ने बहुत कुछ छीन लिया...
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इतिहास के काले पन्नों में दर्ज हो गईं 2015 की ये 5 घटनाएं

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अटाली : हरियाणा में फरीदाबाद के बल्लभगढ़ का ये गांव अचानक चर्चा में आ गया। जमीन के एक टुकड़े पर धार्मिक ढांचे के निर्माण को लेकर दो समुदायों के बीच चच रहे विवाद ने 25 मई 2015 को अचानक सांप्रदा‌यिक रूप ले लिया। 200 लोगों की भीड़ ने गांव पर हमला कर दिया। भीड़ ने ग्रामीणों के साथ धार्मिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया। इस हमले के डरे गांव में रहने वाले एक समुदाय विशेष के लगभग 400 परिवार गांव छोड़ने के लिए मजबूर हो गए। गांव वालों ने डर के चलते इन 400 परिवारों ने गांव से ही सटे पुलिस थाने में डेरा डाल लिया और महीनों यहीं पड़े रहे।
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दादरी : नोएडा के नाम से मशहूर हो चुके गौतम बुद्घ नगर के दादरी इलाके के बिसाहड़ा गांव में 28 सितंबर 2015 की रात 10.30 बजे एक भीड़ ने 52 वर्षीय इकलाख के परिवार पर हमला बोल दिया। भीड़ ने इकलाख और उनके 22 वर्षीय बेटे दानिश को बुरी तरह पीटा। इस हमले में इकलाख ने अपनी जान गंवा दी और दानिश को बुरी तरह चोटें आईं। बताया जाता है कि गांव के ही एक मंदिर के लाउडस्पीकर से किसी ने यह अफवाह फैलाई कि इकलाख के परिवार ने गोमांस सेवन किया है। इसके बाद ही भड़की भीड़ ने इकलाख के घर पर हमला बोल दिया।

इतिहास के काले पन्नों में दर्ज हो गईं 2015 की ये 5 घटनाएं

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सुनपेड़ : हरियाणा में फरीदाबाद के सुनपेड़ गांव में 20 अक्टूबर की रात ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इस वक्त देश भर में दशहरे और रामलीला की धूम थी। रात के करीब दो बजे सुनपेड़ गांव में घर में सो रहे दलित परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश की गई। किसी ने उन पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी। इस आगजनी में परिवार के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई जबकि, पति घायल हुआ और पत्नी गंभीर तौर पर झुलस गई। इसे उसी गांव के दो परिवारों के बीच लंबे समय से चल रही आपसी दुश्मनी का नतीजा बताया गया।
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केरला हाउस : 26 अक्टूबर को दिल्ली के केरला हाउस में बनी कैंटीन समृद्घि रेस्‍त्रां में पुलिस ने अचानक रेड कर उसके खाने और मेनू की जाचं की। असल में हिंदू सेना नाम के एक संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने अचानक इस कैंटीन के बाहर पहुंच कर कैंटीन बंद कराने के लिए दबाब डालना शुरु कर दिया। उनकी शिकायत थी कि कैंटीन में बीफ के नाम पर गोमांस परोसा जा रहा है।
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हालांकि पुलिस जांच में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। कैंटीन प्रशासन ने साफ किया कि यहां लंबे समय से बीफ परोसा जा रहा है जिसमें भैस का मांस होता है। मामला इतना गंभीर हो गया कि केरल के मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर इसकी शिकायत की।
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इतिहास के काले पन्नों में दर्ज हो गईं 2015 की ये 5 घटनाएं

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औरंगजेब रोड : साल 2015 में देश को एक अपूर्ण क्षति हुई। मिसाइल मैन के नाम से मशहूर हो चुके पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का इसी वर्ष 27 जुलाई को देहांत हो गया। इसके बाद भाजपा के सांसद महेश गिरी ने मांग रखी कि दिल्ली के लुटियंस जोन में होटल मानसिंह से होकर खान मार्केट की ओर जाने वाली सड़क जिसे औरंगजेब रोड के नाम से जाना जाता है उसका नाम बदलकर एपीजे अब्दुल कलाम रोड कर दिया जाए।
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इतिहास के काले पन्नों में दर्ज हो गईं 2015 की ये 5 घटनाएं

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एमसीडी ने उनके सुझाव को मानते हुए औरंगजेब रोड का नाम औपचारिक तौर पर बदल दिया। हालांकि, इस नाम को लेकर राजनीति शुरु हो गई और ओखला से आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने इसका विरोध किया। इसके साथ ही औरंगजेब महान शासक था या क्रूर राजा इस मुद्दे पर एक नई बहस छेड़ इसे सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की गई।
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