अफगानिस्तान में बैठे आईएसआईएस खुरासान मॉड्यूल के आतंकियों ने दिल्ली से गिरफ्तार अबू यूसुफ को राजधानी में ‘लोन वुल्फ हमला’ करने का आदेश दिया था। इसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए उसने सभी तैयारियां कर ली थीं। आईईडी बनाने के बाद उसे स्वतंत्रता दिवस से पूर्व दिल्ली पहुंचकर विस्फोट करना था, लेकिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की वजह से वह नहीं आ पाया। आईईडी ब्लास्ट के बाद उसे राजधानी में ही फिदायीन हमला करना था। अबु यूसुफ ने खुलासा किया कि उसे यकीन था कि स्वतंत्रता दिवस के बाद दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था कम हो गई होगी, ऐसे में वह आसानी से धमाका कर सकता है, लेकिन इसी बीच वह पकड़ा गया। आइए जानते हैं क्या होता है लोन वुल्फ हमला और कितना खतरनाक हो सकता है इसका असर-
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क्या होता है लोन वुल्फ हमला
- फोटो : अमर उजाला
इसमें शामिल आतंकी को असके आकाओं के निर्देश तो मिलते हैं, लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिलती। वारदात को अंजाम देने के लिए वह अकेले ही योजना बनाता है और उसके लिए संसाधन जुटाता है। ऐसी वारदात के बाद आतंकी के बारे में कुछ विशेष सुराग भी नहीं मिल पाते हैं।
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गिरफ्तार आतंकी अबु यूसुफ
- फोटो : अमर उजाला
विदेशों, खासकर पेरिस में आतंकियों ने ऐसी कई वारदातों को अंजाम दिया है। दिल्ली में पकड़े गए आतंकी अबू यूसुफ से पूछताछ में भी इसी तरह के हमले के मंसूबों की बात सामने आई है। उसने बताया कि उसके निशाने पर दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश के कई इलाके थे।
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गिरफ्तार आतंकी अबु यूसुफ
- फोटो : ANI
बीते 15 अगस्त के दौरान राजधानी में कड़े सुरक्षा इंतजामों के कारण वह वारदात को अंजाम देने में सफल नहीं हो पाया, नहीं तो स्वतंत्रता दिवस के दिन दिल्ली खून से लथपथ हो जाती। हालांकि उसने उस दिन लोन वुल्फ हमले के लिए पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन अंतिम समय में योजना धरी रह गई।
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गिरफ्तार आतंकी अबु यूसुफ
- फोटो : ANI
हमले का यह तरीका पिछले छह-सात वर्षों से ही आतंक की दुनिया में आया है, लेकिन किसी भी योजनाबद्ध हमले से बेहद खतरनाक है। आतंकी संगठनों द्वारा लोन वुल्फ अटैक दहशत फैलाने का नया तरीका बन गया है। साल 2015-16 में इस्लामिक स्टेट के एजेंट्स ने पश्चिमी देशों पर इस तरह के कई हमले किए थे।
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गिरफ्तार आतंकी अबु यूसुफ
- फोटो : ANI
इस हमले में आतंकियों का मकसद होता है अकेले अपने दम पर अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाना। इसके लिए फिदायीन हमले की तरह ज्यादा विस्फोटक या संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे हमले छोटे हथियारों, चाकुओं, बंदूकों और कभी-कभी हाथ से बनाए गए विस्फोटकों से भी किए जाते हैं।
गिरफ्तार आतंकी अबू युसुफ ने भी यू-ट्यूब वीडियो देखकर ही आईईडी बनाना सीखा था। उसके आकाओं ने उसे केवल लिंक उपलब्ध कराए थे। आतंक फैलाने का यह तरीका आतंकियों के लिए आसान होता है, क्योंकि इसके लिए दहशतगर्दों को किसी बड़ी योजना या साधन की जरूरत नहीं पड़ती। दुनियाभर में अब तक लोन वुल्फ हमले में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। हमले के बाद हमलावरों ने या तो खुद को खत्म कर लिया या फिर पुलिस से मुठभेड़ में वे मारे गए।