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वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का हुआ उद्घाटन, प्रदूषण कम करने के साथ ही और भी हैं कई खूबियां

Mon, 19 Nov 2018 03:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
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kmp expressway - फोटो : अमर उजाला/एएनआई
कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे निर्धारित समय से तीन माह पहले आज देश को सुपुर्द कर दिया जाएगा। इसके चालू होने से दिल्ली-एनसीआर में विकास के नए द्वार खुलेंगे। 135 किलोमीटर लंबे और 6400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुल्तानपुरी में आयोजित जनविकास रैली में किया। जानिए क्या हैं वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की खासियतें और इससे कितने फायदे होंगे....
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KMP Expressway - फोटो : अमर उजाला
वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नाम से मशहूर केएमपी एक्सप्रेसवे पर सोनीपत से मानेसर तक सात टोल बूथ है। इस पर वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उतना ही टोल टैक्स देना होगा। हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना एवं विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के इस परियोजना का फरवरी 2019 की तय समय सीमा से करीब तीन महीने पहले शुभारंभ किया जा रहा है।
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kmp expressway - फोटो : अमर उजाला
केएमपी की खासियत
-एक्सिस कंट्रोल इस हाईवे पर कार चालकों को 30-205 रुपये और ट्रक व बस को 100-690 रुपये टोल टैक्स चुकाना होगा। 
-सोनीपत और झज्जर में दो-दो व गुरुग्राम में सुल्तानपुर, पाटली-हाजीपुर और मोकलवास-फाजिलपुर के बीच टोल बूथ। 
-इस परियोजना से उत्तरी हरियाणा के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा। 
-करीब 50 हजार डीजल चलित भारी वाहन बिना दिल्ली में प्रवेश किए बाहर जा सकेंगे। 
-दिल्ली को जाम के साथ प्रदूषण से भी मुक्ति मिलेगी। 
-केएमपी के दोनों ओर पांच स्मार्ट ग्लोबल सिटी बसेंगी।

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KMP Expressway - फोटो : अमर उजाला
केएमपी एक्सप्रेसवे का महत्व
केएमपी एक्सप्रेसवे देश के चार सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों कुंडली (सोनीपत) के पास एनएच-1, बहादुरगढ़ के पास एनएच-10, मानेसर (गुरुग्राम) में एनएच -8 और पलवल के पास एनएच-2 को जोड़ता है। यह एनएच-1 पर दिल्ली की उत्तर दिशा से आने वाले और एनएच 2 पर दिल्ली के दक्षिण की ओर और एनएच-8 से होकर पश्चिम में जानेवाले यातायात को बाईपास कर देगा। 
आंकड़े
-परियोजना की लागत आई- 6400 करोड़
-कार्य शुरू करने की तिथि- 24 अगस्त 2016
-लेन की संख्या- 6
-कुंडली से मानेसर तक लंबाई- 83.320 किमी
-पलवल से मानेसर तक लंबाई 53 किमी
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kmp expressway - फोटो : अमर उजाला
यह किए गए हैं विशेष इंतजाम
-छह लेन में धातु बीम युक्त क्रैश बैरियर (3 फुट चौड़ा) का निर्माण।
-सभी लेन एलईडी/सौर पैनल लाइट फिक्स्चर से सुसज्जित।
-दोनों तरफ हर 500 मीटर पर वर्षा जल संचयन के प्रावधान।
-एक्सप्रेसवे के साथ-साथ ड्रिप सिंचाई के तरीकों का भी उपयोग किया जाएगा
-हर 10 मीटर की दूरी पर स्मारक, प्रस्तर प्रतिमाएं, फव्वारे स्थापित किए जाएंगे।
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kmp expressway - फोटो : अमर उजाला
चार औद्योगिक जिले की दूरियां हो जाएंगी कम
कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे की आधिकारिक शुरुआत होने के बाद औद्योगिक क्षेत्रों की दूरियां भी कम हो जाएंगी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के चारों तरफ कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) के साथ केएमपी के जुड़ने से दिल्ली के आसपास के चारों प्रमुख औद्योगिक जिले करीब आ जाएंगे। इसका सीधा असर दिल्ली के यातायात व प्रदूषण पर दिखेगा। दिल्ली के आसपास गुरुग्राम-आईएमटी मानेसर, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं। इन चारों ही औद्योगिक जिलों में देश-विदेश की हजारों कंपनियां संचालित हैं। इन जिलों के लिए प्रतिदिन कई लाख वाणिज्यिक वाहन एक दूसरे जिलों में माल ढोते हैं। आईएमटी मानेसर-गुरुग्राम से फरीदाबाद को छोड़ दें तो अभी तक गाजियाबाद और नोएडा जाने के लिए वाणिज्यिक वाहनों को दिल्ली के रास्ते ही होकर गुजरना पड़ता है। इससे दिल्ली में यातायात समस्या समेत प्रदूषण का दबाव बढ़ता है।
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kmp expressway - फोटो : एएनआई
राजधानी दिल्ली के चारों तरफ बने 270 किमी लंबे केजीपी और केएमपी के जुड़ने से रिंग रोड सर्कल इन चारों औद्योगिक जिलों की दूरियों को कम कर देगा। उदाहरण के तौर पर आईएमटी-मानेसर से गाजियाबाद के लिए दिल्ली के रास्ते 80 किमी के सफर में वाणिज्यिक वाहन को निकलने पर वापसी में नो एंट्री खुलने का इंतजार करना पड़ता है इस कारण पूरा दिन लग जाता है। ऐसे में अब केएमपी के शुरू होने के बाद सातों दिन 24 घंटे वाहनों के संचालन से दूरियों के साथ समय की भी बचत होगी। गुरुग्राम इंडस्ट्रियल डवलपमेंट एसोसिएशन के महासचिव दीपक मैनी के मुताबिक, केएमपी से औद्योगिक क्षेत्र को काफी फायदा मिलेगा। वाणिज्यिक वाहनों के लिए बेहतरीन विकल्प शुरू होने से समय की बचत होगी। दिल्ली पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा।

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kmp expressway - फोटो : एएनआई
गाजियाबाद जाना होगा आसान 
औद्योगिक नगरी के रूप में विकसित गाजियाबाद और आईएमटी मानेसर व आसपास के क्षेत्रों में वाणिज्यिक आपूर्ति का काम होता है। दोनों शहरों के बीच आने-जाने के लिए दिल्ली के रास्ते का ही विकल्प होने से वाहनों को निकलने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। 80 किमी की दूरी तय करने में भारी वाहनों को 12 घंटे तक लग जाते हैं। केएमपी शुरू होने से गाजियाबाद के लिए वाहनों का निकलना बेहद आसान हो जाएगा।

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kmp expressway - फोटो : एएनआई
देश में हरियाणा ऐसा अकेला राज्य बन गया है, जहां हाईटैक तकनीक वाले एक्सप्रेस वे है। हरियाणा के नाम यह उपलब्धि केजीपी व केएमपी के कारण जुड़ी है। क्योंकि देश में केवल यह दो एक्सप्रेस वे है, जहां सोलर सिस्टम से बिजली उत्पादन के साथ लाइटें जलती है व आर्ट गैलरी बनी है तो ड्रिप इरिगेशन सिस्टम भी चलाया जा रहा है। इन एक्सप्रेस वे के सहारे देश व हरियाणा की संस्कृति से भी लोगों को जोड़ा जा रहा है। इनमें भी सबसे बड़ी उपलब्धि हरियाणा के नाम यह जुड़ रही है कि इन दोनों एक्सप्रेस वे के मॉडल के आधार पर ही महाराष्ट्र व गुजरात में अन्य एक्सप्रेस वे बनाए जा रहे है। इनमें भी केजीपी पर लोग सफर कर रहे है तो केएमपी पर सोमवार से सफर शुरू कर देंगे।

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केएमपी एक्सप्रेसवे - फोटो : अमर उजाला/एएनआई
हरियाणा से शुरू तो वहीं खत्म
कुंडली-गाजियाबाद-पलवल ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का अधिकतर हिस्सा हरियाणा में पड़ता है और इसकी शुरूआत हरियाणा से होती है तो यह खत्म भी हरियाणा में होता है। एनएचएआई ने 5764 करोड़ की लागत से इस एक्सप्रेस वे को बनाया है। यह देश का पहला एक्सप्रेस वे है, जहां सोलर सिस्टम से बिजली उत्पादन होता है तो 3डी तकनीक वाली डिजीटल आर्ट गैलरी बनाई गई है, जिसमें एक्सप्रेस वे से जुड़ी हर तकनीक को दिखाया जाता है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग से लेकर ड्रिप इरिगेशन सिस्टम भी इस एक्सप्रेस वे पर बने है। इसके अलावा देश की संस्कृति व इतिहास को दर्शाती हुई कलाकृतियां भी एक्सप्रेस वे पर बनी है। इन सभी सुविधाओं के कारण यह देश का पहला हाईटेक एक्सप्रेस वे है।

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kmp expressway - फोटो : अमर उजाला
दूसरा हाईटेक एक्सप्रेस वे भी हरियाणा में बना
कुंडली-मानेसर-पलवल पूरी तरह से हरियाणा के अंदर पड़ता है। यह देश का दूसरा हाईटेक एक्सप्रेस वे है, जिसपर सोलर सिस्टम के सहारे लाइटों को जलाया जाएगा तो बिजली के अन्य कार्य भी सोलर सिस्टम से होंगे। इसपर भी केजीपी की तरह ही डिजीटल आर्ट गैलरी बनाई गई है, जहां एक्सप्रेस वे के निर्माण से जुड़ी पूरी गतिविधियां दिखाई जाएगी और हरियाणा की संस्कृति से गैलरी के अंदर भी रूबरू कराया जाएगा। इसे कुंडली में गढ़ी बाला टोल के पास बनाया गया है। इसके साथ ही हरियाणा की संस्कृति से जुड़ी 21 कलाकृतियां भी केएमपी पर लगाई जा रही है। ड्रिप इरिगेशन सिस्टम भी केएमपी पर बनाया गया है। इस तरह देश का दूसरा हाईटेक एक्सप्रेस वे भी हरियाणा के अंदर ही बना है।
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kmp expressway - फोटो : एएनआई
देशभर के लिए मॉडल बन रहे दोनों एक्सप्रेस वे
केजीपी व केएमपी को बनाने में काफी प्रयोग करके देखे गए थे, जिनमें डिजीटल आर्ट गैलरी से लेकर सोलर सिस्टम, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्पीड ट्रैकिंग सिस्टम, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि शामिल है। यह प्रयोग पूरी तरह से सफल रहे और इस कारण ही यह दोनों एक्सप्रेस वे देशभर के लिए मॉडल बन गए है। इनकी तकनीक को महाराष्ट्र व गुजरात में बनाए जा रहे एक्सप्रेस के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं देश में अन्य जगहों पर भविष्य में एक्सप्रेस वे बनाए जाते है तो वहां भी इनकी तकनीक को इस्तेमाल किया जा सकता है। 

केजीपी देश का पहला एक्सप्रेस वे है, जहां सोलर सिस्टम से बिजली उत्पादन होता है तो डिजीटर आर्ट गैलरी भी देश में केवल इन दोनों एक्सप्रेस वे पर बनी है। एनएचएआई इनकी तकनीक को अन्य एक्सप्रेस वे में इस्तेमाल कर रहा है, क्योंकि केजीपी पर कुछ प्रयोग काफी बेहतर रहे है।-किशोर कानियाल, परियोजना निदेशक एनएचएआई
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