नोएडा के सर्फाबाद में बृहस्पतिवार को आफत की दीवार सात झुग्गियों पर गिर गई। जिसकी चपेट में आकर एक झुग्गी में टीवी देख रहे एक ही परिवार के तीन मासूम आ गए। झुग्गी वासियों ने मलबा हटाकर बच्चों को निकाला और पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
मासूमों पर काल बनकर गिरी दीवार, छलक आया दर्द
2 of 9
दो बच्चों की मौके पर मौत हो गई। वहीं, तीसरी घायल बच्ची को पहले जिला अस्पताल और बाद में दिल्ली के चाचा नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट केपी सिंह और सीओ अनूप सिंह सहित पुलिस फोर्स पहुंची।
विज्ञापन
मासूमों पर काल बनकर गिरी दीवार, छलक आया दर्द
3 of 9
सर्फाबाद में सतपाल यादव और कालू यादव (दोनों भाई) का खाली प्लॉट है। बृहस्पतिवार को प्लॉट पर जेसीबी से नींव में मिट्टी भराई का काम चल रहा था। सुबह लगभग साढ़े ग्यारह बजे नींव से सटी दीवार दूसरी तरफ गिर गई और उसकी चपेट में सात झुग्गियां आ गई।
मासूमों पर काल बनकर गिरी दीवार, छलक आया दर्द
4 of 9
ढहे दीवार के मलबे में एक झुग्गी में रहने वाले दंपति अनछोपी शेख-मुनिया बीबी के तीन बच्चे नैनतारा खातून (8), सुक्कू तारा (5) और ईद मोहम्मद (2) दब गए। दंपति कबाड़ी का काम करते हैं और झुग्गी के आसपास ही थे।
विज्ञापन
मासूमों पर काल बनकर गिरी दीवार, छलक आया दर्द
5 of 9
वहीं, हादसे के वक्त बच्चे झुग्गी में टीवी देख रहे थे। दीवार ढहते ही आसपास की झुग्गियों से लोग आ गए और मिट्टी सहित दीवार के मलबे हटाकर बच्चों को बाहर निकाला। लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी।
विज्ञापन
मासूमों पर काल बनकर गिरी दीवार, छलक आया दर्द
6 of 9
तीनों को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां सुक्कू तारा और ईद मोहम्मद को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, गंभीर हालत में नैनतारा खातून को दिल्ली के चाचा नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया गया है। जहां बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है।
विज्ञापन
मासूमों पर काल बनकर गिरी दीवार, छलक आया दर्द
7 of 9
अधिकारियों के मुताबिक खाली प्लॉट पर नींव भरने के दौरान दीवार ढहने से दो बच्चों की मौत हो गई है। मामला दर्ज कर मामले में जेसीबी को जब्त कर लिया गया है। जेसीबी चालक को हिरासत में ले लिया गया है।
मासूमों पर काल बनकर गिरी दीवार, छलक आया दर्द
8 of 9
सर्फाबाद में हादसा और भी बड़ा हो सकता था। दीवार की चपेट में आई सात में से केवल एक झुग्गी में ही बच्चे मौजूद थे। अगर बाकी झुग्गियों में भी लोग होते तो हादसा बड़ा हो सकता था।
वहीं, बताया गया है कि मृत बच्चों का पिता अपनी झुग्गी के दरवाजे पर ही था लेकिन हादसा होते ही अचानक गिरे मलबे में वह आगे निकल गया और बच गया। जिस दीवार के बगल में मिट्टी भराई का काम चल रहा था, उसकी ईंटें मिट्टी और गारे से जोड़ी हुईं थीं। जिससे वह पहले से ही कमजोर थी। ऊपर से नींव की खुदाई के कारण वह बिलकुल कमजोर हो गई थी।