फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देखिए, देश के अल्ट्रा मॉडर्न शहर की खतरनाक सच्चाई

विज्ञापन
1 of 12
ये दिल्ली से सटे गुड़गांव की सच्चाई है जिसे देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरों में से एक माना जाता है। यहां सड़कों पर सुरक्षित सफर के लिए भले ही ट्रैफिक पुलिस जागरूकता अभियान चला रही हो लेकिन प्रशासन की लापरवाही पैदल यात्रियों की जान पर भारी पड़ रही है। (सभी फोटो: अमर उजाला ब्यूरो/कुमार हरिओम)
विज्ञापन

देखिए, देश के अल्ट्रा मॉडर्न शहर की खतरनाक सच्चाई

2 of 12
साइबरसिटी के रेलवे स्टेशन और एक्सप्रेस तकरीबन हर तीसरे दिन खून से लाल होता है। पुलिस की अनदेखी और नाकाफी इंतजाम के चलते पैदल चलने वालों की जान हथेली पर लेकर इसे पार करते हैं। पेश है अमर उजाला लाइव रिपोर्ट-
विज्ञापन

देखिए, देश के अल्ट्रा मॉडर्न शहर की खतरनाक सच्चाई

3 of 12
गुड़गांव रेलवे स्टेशन: दिल्ली-जयपुर रेलमार्ग के प्रमुख स्टेशन में गिने जाने वाले गुड़गांव रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज की कमी यात्रियों के लिए खतरनाक साबित हो रही है।

देखिए, देश के अल्ट्रा मॉडर्न शहर की खतरनाक सच्चाई

4 of 12
स्टेशन के दूसरी तरफ कॉलोनियों में जाने वाले यात्री भी प्लेटफार्म से कूद-फांदकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं जिसमें कई बार हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है।
विज्ञापन

देखिए, देश के अल्ट्रा मॉडर्न शहर की खतरनाक सच्चाई

5 of 12
रेलवे के नाकाफी इंतजामों का ही नतीजा है कि आरपीएफ भी इन्हें रोकने का कोई खास प्रयास नहीं करती। बुधवार को जनता एक्सप्रेस समेत कई पैसेंजर ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों की रेलवे ट्रैक पर ऐसी ही मारामारी दिखी।
विज्ञापन

देखिए, देश के अल्ट्रा मॉडर्न शहर की खतरनाक सच्चाई

6 of 12
एक आरपीएफ जवान ने बताया कि क्या करें सर, यात्री मानते ही नहीं। किन-किन को पकड़ें, यहां तो हर रोज यह नजारा देखने को मिलता है। यह भले ही उनके तर्क हो लेकिन यात्रियों को रोकने के लिए प्रशासन की ढिलाई उन्हीं की जान जोखिम में डाल रही है।
विज्ञापन

देखिए, देश के अल्ट्रा मॉडर्न शहर की खतरनाक सच्चाई

7 of 12
दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे: राजीव चौक से थोड़ा आगे राजनगर मोड़ पर पहुंचकर साफ देखा जा सकता है कि पैदल यात्री किस प्रकार मौत को दावत देते हैं। तेज रफ्तार में चलने वाले एक्सप्रेस-वे पर पूरे दिन पैदल यात्री लोहे की ऊंची रेलिंग फांदकर दूसरी तरफ कूदते हैं।

देखिए, देश के अल्ट्रा मॉडर्न शहर की खतरनाक सच्चाई

8 of 12
यहां कई बार हादसों में पैदल यात्री अपनी जान गंवा बैठे है। राज नगर में रहने वाले ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि करीब दो साल पहले तक पुलिस के जवान तैनात रहते थे तो पैदल यात्री एक्सप्रेस-वे पार करने से कतराते थे, लेकिन अब तो कोई ध्यान ही नहीं देता।

देखिए, देश के अल्ट्रा मॉडर्न शहर की खतरनाक सच्चाई

9 of 12
हादसों का ग्राफ भी हो रहा ऊंचा: प्रशासन की अनदेखी का ही नतीजा है कि एक्सप्रेस-वे और रेलवे स्टेशन पर हादसों का ग्राफ लगातार ऊंचा जा रहा है। पिछले साल एक्सप्रेस-वे पर 336 लोग हादसों का शिकार हो गए थे।

देखिए, देश के अल्ट्रा मॉडर्न शहर की खतरनाक सच्चाई

10 of 12
जबकि दिल्ली-रेवाड़ी रेलमार्ग पर यह आंकड़ा 220 रहा। जानकारी के मुताबिक रेलमार्ग पर औसतन प्रतिमाह 20 पैदल यात्री ट्रेनों की चपेट में आते है।

देखिए, देश के अल्ट्रा मॉडर्न शहर की खतरनाक सच्चाई

11 of 12
जुर्माने का भी डर नहीं: रेलवे नियमों के मुताबिक, रेलवे लाइन पार करते पकड़े जाने पर आरपीएफ उसे गिरफ्तार कर लेती है। जिसमें अधिकतम जुर्माने की राशि एक हजार तक वहन करती पड़ती है। इसके बावजूद यात्रियों में इसका कोई डर नहीं है।
विज्ञापन

देखिए, देश के अल्ट्रा मॉडर्न शहर की खतरनाक सच्चाई

12 of 12
12 ये हैं एक्सप्रेस-वे के खतरनाक प्वाइंट
राज नगर मोड़सेक्टर-31 का एग्जिट प्वाइंट एटलस चौकहीरो होंडा चौकबिलासपुर चौक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें